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Rahul Gandhi: दादी इंदिरा से प्रियंका तक का जिक्र, संसद में विपक्ष के नेता ने सरकार को किन बातों पर घेरा?

Fri, 17 Apr 2026 03:08 PM IST
Kumar Vivek न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Rahul Gandhi: लोकसभा में राहुल गांधी ने 2023 के महिला बिल, ओबीसी प्रतिनिधित्व और दक्षिण व पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकारों पर सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी के 10 प्रमुख बयानों और उनके राजनीतिक मायने जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें। अभी क्लिक करें।
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राहुल गांधी - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 2023 के महिला आरक्षण संशोधन विधेयक और देश के राजनीतिक ढांचे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। अपने संबोधन में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां महिला सशक्तिकरण और ओबीसी प्रतिनिधित्व को नजरअंदाज कर रही हैं। एक मजबूत राजनीतिक संदर्भ देते हुए उन्होंने दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधित्व में संभावित कटौती को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की। अपने संबोधन के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और अपनी छोटी बहन और सांसद प्रियंका गांधी का भी जिक्र किया। 

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नीतिगत और राजनीतिक मोर्चे पर उनके द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर 10 बड़ी बातें नीचे दी गई हैं।

राहुल गांधी के भाषण की 10 बड़ी बातें

  1. राष्ट्रीय दृष्टिकोण में महिलाओं की भूमिका: राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि हमारे राष्ट्रीय दृष्टिकोण में महिलाएं एक प्रमुख प्रेरक शक्ति हैं।
  2. सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं: मौजूदा बिल की तीखी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई महिला बिल नहीं है और इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई संबंध नहीं है।
  3. 2023 के बिल पर तत्काल समर्थन की चुनौती: उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि 2023 का महिला बिल वापस लाया जाता है, तो विपक्ष उसे लागू करने के लिए इसी वक्त पास कराने में मदद करेगा।
  4. ओबीसी वर्ग की अनदेखी: गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार का मुख्य एजेंडा ओबीसी वर्ग को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने से बचना है।
  5. जातीय जनगणना के प्रभाव को 15 साल तक टालना: उन्होंने दावा किया कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि अगले 15 वर्षों तक जातीय जनगणना का राजनीतिक प्रतिनिधित्व से कोई संबंध न रहे।
  6. बीजेपी को जनाधार खिसकने का डर: विपक्ष के नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपनी ताकत कम होने  से डरी हुई है।
  7. राजनीतिक नक्शे में बदलाव की कोशिश: सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वह भारतीय राजनीतिक मानचित्र  को फिर से व्यवस्थित  करने का प्रयास कर रही है।
  8. छोटे राज्यों के प्रतिनिधित्व को खतरा: राहुल गांधी के अनुसार, सरकार दक्षिण, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों को यह संदेश दे रही है कि बीजेपी को सत्ता में बनाए रखने के लिए उनका प्रतिनिधित्व उनसे छीन लिया जाएगा।
  9. सरकार का कदम 'राष्ट्र-विरोधी': सरकार के इस पूरे प्रयास को उन्होंने 'राष्ट्र-विरोधी कृत्य' करार दिया और चेतावनी दी कि पूरा विपक्ष एकजुट होकर इसे हर हाल में हराएगा। उन्होंने अपने संबोधन में एक अपनी दादी इंदिरा गांधी का जिक्र कर कहा कि उनसे उन्होंने (निडर) रहना सीखा है। अपनी बहन प्रक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम कितने दिलेर हैं, यह कल एक सांसद के तौर पर प्रियंका गांधी के संबोधन के दौरान सबने देखा। 
  10. राज्यों को अधिकारों की रक्षा का आश्वासन: उन्होंने दक्षिण, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों को पूरा भरोसा दिलाया कि विपक्ष सरकार को भारत संघ में उनके प्रतिनिधित्व के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने देगा।

राहुल गांधी के ये 10 बयान इस बात का साफ संकेत हैं कि आगामी संसद सत्रों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ेगा। महिला आरक्षण की संरचना से लेकर जातीय जनगणना और राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक, विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह सरकार के किसी भी एकतरफा फैसले का कड़ा विरोध करेगा।

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