'देश के उत्तर और पूर्वी हिस्सों में भी उभरेगी सहकारिता की शक्ति'
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि भारत में सहकारी क्षेत्र केवल पश्चिमी भागों में स्थिर रहा, जबकि उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में कमजोर रहा। सरकार अब इस क्षेत्र को समान रूप से विकसित करने के कदम उठा रही है। इससे देश के उत्तर और पूर्वी हिस्से में भी सहकारिता की शक्ति दिखाई देगी। अमित शाह ने मुंबई में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नाफेड) की ओर से आयोजित एक सहकारिता क्षेत्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जल्द ही देश में दो लाख नई प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स) बनाई जाएगी।
सहकारी मॉडल पर शुरू होगी राष्ट्रीय सहकारी टैक्सी योजना
अमित शाह ने कहा कि देश का ऐसा कोई गांव नहीं होगा जहां पैक्स नहीं होगा और उसे बहुआयामी बनाया जाएगा। 71000 में से 52000 पैक्स कंप्यूटरीकृत हो चुके हैं। पैक्स को 24 प्रकार के अलग-अलग काम करने की अनुमति दी गई है। पैक्स अब डेयरी, मत्स्य, जनौषधि केंद्र से लेकर पेट्रोल पंप भी खोल सकते हैं। इसके अलावा गैस का वितरण, हर घर नल की मरम्मत, गोदाम, और सहकारिता टैक्सी स्कीम शुरू करने के साथ ही रेलवे और एयर टिकट की बुकिंग भी कर सकते हैं। शाह ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र से राष्ट्रीय स्तर पर भारत टैक्सी योजना भी शुरू की जाएगी, जिसमें टैक्सी चालक भी मालिक होंगे।
सहकारिता भारत की मिट्टी और जड़ों में समाई हुई है- शिवराज
नाफेड की ओर से आयोजित सगोष्ठी को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सहकारिता भारत की मिट्टी और जोड़ों में गहराई तक समाई हुई है। उन्होंने कहा कि एकीकृत खेती के लिए फार्म मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। इस बात पर भी मंथन हो रहा है कि कैसे छोटी जोत वाले किसान भी लाभान्वित हों।