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Maharashtra Politics: यूपीए सरकार ने मुंबई की उपेक्षा की, भाजपा नीत महायुति सरकार ने दिए सात लाख करोड़+ रुपये

Fri, 20 Jun 2025 09:21 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Maharashtra Politics: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि यूपीए सरकार ने मुंबई को भगवान भरोसे छोड़ दिया था, लेकिन महायुति सरकार ने सात लाख करोड़ से शहर की तस्वीर बदल दी। उन्होंने आगे कहा- पहले मुंबई झोपड़पट्टियां, जर्जर इमारतें और ट्रैफिक जाम जैसी समस्या थी, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।
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अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री - फोटो : PTI
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि यूपीए सरकार ने मुंबई की अनदेखी की थी, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने 7 लाख करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे के निवेश से शहर को बचाया है। मुंबई में महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री और एग्रीकल्चर के नए मुख्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पहले वे मुंबई की दुर्दशा से डरते थे — बढ़ती आबादी, झोपड़पट्टियां, जर्जर इमारतें और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं के कारण। लेकिन अब हालात बदल गए हैं।
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'डबल इंजन सरकार ने मुंबई को नई दिशा दी'
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य का कायाकल्प किया। अमित शाह ने कहा कि फडणवीस और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में चल रही 'डबल इंजन' सरकार ने मुंबई को नई दिशा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि 2004 से 2014 तक केंद्र में रही कांग्रेस और एनसीपी की यूपीए सरकार ने मुंबई की अनदेखी की। उस दौरान न तो कोई बड़ा प्रोजेक्ट शुरू हुआ और न ही कोई दूरदर्शी योजना बनाई गई।
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'भाजपा सरकार सिंचाई संकट को काफी हद तक खत्म किया'
गृह मंत्री ने भाजपा सरकार की प्रमुख परियोजनाओं का भी जिक्र किया — जैसे मुंबई मेट्रो (337 किमी, ₹1.5 लाख करोड़), बुलेट ट्रेन (₹1.08 लाख करोड़), वाधवण पोर्ट (₹80,000 करोड़), अटल सेतु (₹17,000 करोड़), वर्सोवा-विरार सी लिंक (₹55,000 करोड़) और विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर (₹60,000 करोड़)। किसानों की आत्महत्या पर बात करते हुए शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने सिंचाई क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर इस संकट को काफी हद तक खत्म किया है। केंद्र से महाराष्ट्र को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर उन्होंने बताया कि 2014 से 2024 के बीच राज्य को ₹7.82 लाख करोड़ मिले, जबकि यूपीए के समय (2004–2014) सिर्फ ₹1.91 लाख करोड़ ही मिले थे।

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अमित शाह ने विपक्ष पर भी साधा निशाना
इस दौरा विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आज आलोचना कर रहे हैं, उन्होंने कभी ऐसी योजनाओं की कल्पना तक नहीं की थी। साथ ही, उन्होंने एमएसीसीआईए से आग्रह किया कि वे सरकार को उद्योग जगत की समस्याओं से समय पर अवगत कराएं और युवा नेतृत्व को आगे लाएं।
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'देश के उत्तर और पूर्वी हिस्सों में भी उभरेगी सहकारिता की शक्ति'
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि भारत में सहकारी क्षेत्र केवल पश्चिमी भागों में स्थिर रहा, जबकि उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में कमजोर रहा। सरकार अब इस क्षेत्र को समान रूप से विकसित करने के कदम उठा रही है। इससे देश के उत्तर और पूर्वी हिस्से में भी सहकारिता की शक्ति दिखाई देगी। अमित शाह ने मुंबई में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नाफेड) की ओर से आयोजित एक सहकारिता क्षेत्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जल्द ही देश में दो लाख नई प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स) बनाई जाएगी।

सहकारी मॉडल पर शुरू होगी राष्ट्रीय सहकारी टैक्सी योजना
अमित शाह ने कहा कि देश का ऐसा कोई गांव नहीं होगा जहां पैक्स नहीं होगा और उसे बहुआयामी बनाया जाएगा। 71000 में से 52000 पैक्स कंप्यूटरीकृत हो चुके हैं। पैक्स को 24 प्रकार के अलग-अलग काम करने की अनुमति दी गई है। पैक्स अब डेयरी, मत्स्य, जनौषधि केंद्र से लेकर पेट्रोल पंप भी खोल सकते हैं। इसके अलावा गैस का वितरण, हर घर नल की मरम्मत, गोदाम, और सहकारिता टैक्सी स्कीम शुरू करने के साथ ही रेलवे और एयर टिकट की बुकिंग भी कर सकते हैं। शाह ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र से राष्ट्रीय स्तर पर भारत टैक्सी योजना भी शुरू की जाएगी, जिसमें टैक्सी चालक भी मालिक होंगे।

सहकारिता भारत की मिट्टी और जड़ों में समाई हुई है- शिवराज
नाफेड की ओर से आयोजित सगोष्ठी को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सहकारिता भारत की मिट्टी और जोड़ों में गहराई तक समाई हुई है। उन्होंने कहा कि एकीकृत खेती के लिए फार्म मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। इस बात पर भी मंथन हो रहा है कि कैसे छोटी जोत वाले किसान भी लाभान्वित हों।


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