233वीं भारतीय सड़क कांग्रेस मध्यावधि परिषद बैठक
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मिट्टी के अवशेष के अनुचित उपयोग पर जताई चिंता
उन्होंने राजमार्ग निर्माण में मिट्टी के अवशेष के अनुचित उपयोग पर चिंता व्यक्त की, जिससे पर्यावरणीय क्षति और कृषि भूमि की हानि हुई है। उन्होंने इसके लिए सख्त नियमों और सही स्थानों पर मिट्टी के निपटान की मांग की। साथ ही उन्होंने इंजीनियरों से अनावश्यक मोड़ों, समय से पहले पुनर्निर्माण और खराब जल निकासी से बचने की सलाह दी। इसके स्थान पर उन्होंने सीधी सड़क योजना, टिकाऊ निर्माण और उचित पुलिया व्यवस्था पर जोर दिया ताकि सुरक्षा, लागत और स्थिरता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने परिषद को मिजोरम में यह प्रतिष्ठित बैठक आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया और आशा जताई कि यह विचार-विमर्श राज्य के सड़क नेटवर्क को और बेहतर बनाने में सहायक होगा।
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बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को केंद्र प्रतिबद्धः हर्ष
इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने मिजोरम को एक सुंदर और आतिथ्यशील राज्य बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता की प्रशंसा की और क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने आश्वासन दिया कि सीमावर्ती राज्यों को प्राथमिकता मिलती रहेगी और रिजिड पेवमेंट के उपयोग पर राज्य के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी मिज़ोरम के सचिव एवं स्थानीय आयोजन समिति के अध्यक्ष के. लालथामाविया ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम पीडब्ल्यूडी मंत्री वानलालह्लाना, आईआरसी के अध्यक्ष प्रो. मनोरंजन परिडा और महासचिव राहुल गुप्ता शामिल थे। उल्लेखीय है कि भारतीय सड़क कांग्रेस, जिसकी स्थापना 1934 में हुई थी, जो देश की शीर्ष सड़क इंजीनियरिंग संस्था है। यह संस्था सड़कों, पुलों और सुरंगों के योजना, डिज़ाइन, निर्माण और रखरखाव के लिए मानक और दिशानिर्देश तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह चौथी बार है जब आईआरसी की मध्यावधि बैठक मिजोरम में आयोजित की गई है, जो इस राज्य के बढ़ते राष्ट्रीय महत्व को दर्शाती है।