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यूपी की शिक्षा व्यवस्था का हाल, मुख्यमंत्री का नाम तक नहीं बता पाए कक्षा नौ के छात्र

Sat, 09 Jul 2016 03:34 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, आगरा
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- फोटो : Getty
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यूपी के आगरा जिले के एक सरकारी विद्यालय में जब डीआईओएस ने सवाल पूछा, प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम क्या है? सामने खड़े छात्र छत की ओर देखने लगे। डीआईओएस ने दोहराया, बताइए। लेकिन जवाब नहीं मिला। छात्रों ने मौन साध लिया। दूसरा सवाल, आपके प्रदेश का नाम क्या है? इस बार छात्र छत नहीं, फर्श की ओर देखने लगे। बोले कुछ भी नहीं। डीआईओएस पूछते रहे, छात्रों का मौन नहीं टूटा। तीसरा सवाल था, प्रदेश की राजधानी का नाम क्या है? छात्र एक -दूसरे को देखने लगे, लेकिन जवाब किसी ने भी नहीं दिया।
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यह हाल पहली या दूसरी नहीं, नौवीं कक्षा के छात्रों का है। डीआईओएस ने पूछा, कॉमर्स पढ़ते हो, जवाब मिला हां सर, हमारे कोर्स में है। सवाल हुआ, कॉमर्स की स्पेलिंग क्या है? छात्र नहीं लिख पाए। 19 का पहाड़ा सुनाने के लिए कहा तो शुरू करते ही अटक गए। जिला विद्यालय निरीक्षक दिनेश कुमार यादव शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे सेंट जोंस इंटर कालेज, हास्पिटल रोड का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
विद्यालय में शिक्षकों की भरमार के बावजूद विद्यार्थी नदारद मिले।

कक्षा नौ ‘ए’ और ‘बी’ में केवल दो विद्यार्थी उपस्थित मिले।  कक्षा 10 में तीन छात्र बैठे थे, इनको पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं थे। कारण पूछने पर प्रधानाचार्य स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। शिक्षक डायरी तक नहीं बनाई गई है। शैक्षणिक माहौल बेहद खराब मिला। यही नहीं विद्यालय दो के बजाय चार जुलाई से खोला गया। इस संबंध में भी प्रधानाचार्य ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
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बगैर स्वीकृति के अवकाश

प्रतीकात्मक चित्र - फोटो : Getty
निरीक्षण के दौरान कई शिक्षक, हेड क्लर्क, लिपिक उपार्जित और चिकित्सकीय अवकाश पर थे। किसी का भी स्वीकृत आदेश नहीं था। स्वीकृति का आदेश प्रवक्ता और सहायक अध्यापक की सर्विस बुक पर नहीं चढ़ा हुआ मिला।

प्रधानाचार्य स्पष्टीकरण मांगा गया है, संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों से पूछा गया है कि क्यों न उनके वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी जाएगी। शिक्षकों के अवकाश के स्वीकृत आदेश न होने पर क्लर्क से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
- दिनेश कुमार यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक 

राजकीय इंटर कालेज, शाहगंज को जिले का मॉडल विद्यालय बनाने की कवायद लंबे समय से चल रही है। शैक्षणिक गुणवत्ता सुधरने के बजाय और खराब होती जा रही है। शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे मंडलीय उप शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा ने जीआईसी का निरीक्षण किया। कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति 30 से 40 फीसदी पाई गई। शिक्षकों ने बताया कि छुट्टियों के चलते उपस्थिति कम है।
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