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यूपी चुनाव 2022: आखिरी दो चरणों के लिए पूरा मंत्रिमंडल मैदान में, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने भी संभाला मोर्चा

आशीष तिवारी
Updated Sun, 27 Feb 2022 05:38 PM IST

सार

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी ने जब यहां चुनावी जनसभाओं में लोगों से मुखातिब होना शुरू किया था, तो माहौल ऐसा बना कि पूर्वांचल की 61 विधानसभा सीटों में से 55 विधानसभा सीटें भाजपा की झोली में आ गईं।
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पीएम मोदी, अमित शाह, सीएम योगी और जेपी नड्डा - फोटो : अमर उजाला


भारतीय जनता पार्टी की ओर से तीन मार्च और सात मार्च को होने वाले चुनाव के आखिरी चरण के लिए कमर कस ली गई है। इसी कड़ी में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन बड़ी जनसभाएं कीं। उन्होंने सबसे पहली जनसभा बस्ती, दूसरी देवरिया और तीसरी अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में की। वाराणसी में पीएम मोदी ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 20,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने बूथ कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया। योजना के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी तीन से पांच मार्च तक काशी में ही रुक सकते हैं।


पूर्वांचल के जिलों में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी रविवार को पूर्वांचल के दो जिलों में जनता से मुखातिब हुए। पार्टी के रणनीतिकारों के मुताबिक, अमित शाह लगातार पूर्वांचल पर फोकस बनाए हुए हैं। यही वजह है कि उनकी पहले भी कई रैलियां और जनसभाएं क्षेत्र में लगातार हो चुकी हैं। फिलहाल रविवार को गृह मंत्री अमित शाह बलिया की फेफना विधानसभा में मौजूद रहे। उसके बाद बलिया की ही बांसी विधानसभा पहुंचकर भाजपा के पक्ष में जनता से वोट देने की अपील की। गृहमत्री बलिया के बाद महाराजगंज की फरेंदा और नौतनवा विधानसभा सीट पर भी जनता से मुखातिब हुए।




प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह रविवार को जितनी जनसभाएं करेंगे, उससे कहीं ज्यादा जनसभाएं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर, सहजनवा, कैंपियरगंज, सिद्धार्थनगर, डुमरियागंज, कपिलवस्तु, बलरामपुर उतरौला तुलसीपुर और गैसड़ी विधानसभा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे।


राजनीतिक जानकार बताते हैं कि 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी ने जब यहां चुनावी जनसभाओं में लोगों से मुखातिब होना शुरू किया था, तो माहौल ऐसा बना कि पूर्वांचल की 61 विधानसभा सीटों में से 55 विधानसभा सीटें भाजपा की झोली में आ गईं। राजनीतिक विश्लेषक जीडी शुक्ला कहते हैं कि इस बार 2017 जैसे हालात तो नहीं है। पांच साल पहले सरकार बनाते वक्त पूर्वांचल के लोगों ने जो भारतीय जनता पार्टी से उम्मीदें की थी वह कितनी कसौटी पर खरी उतरी है उसके आकलन के अनुसार ही इस बार मतदान होगा। यही वजह है कि भाजपा के बड़े से बड़े नेता पूर्वांचल में अपना दमखम दिखा रहे हैं।


भाजपा सूत्रों के मुताबिक, अगले दो चरणों के लिए प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री शाह के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्ड, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और भाजपा सांसद एवं दिल्ली भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी समेत तमाम दिग्गज नेता वाराणसी और आसपास के पूर्वाचल के जिलों में पार्टी को मजबूती देने के लिए मौजूद रहेंगे।

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