तीसरे चरण में जहां सत्ताधारी भाजपा अपनी सीटें बरकरार रखने के लिए मैदान में उतरी है। तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव को अपने गढ़ में पार्टी की खोई हुए साख को बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसीलिए सपा प्रमुख खुद मैनपुरी जिले की करहल सीट से मैदान में उतरे हैं और उनके चाचा शिवपाल यादव इटावा के जसवंतनगर सीट से ताल ठोक रहे हैं। हाल ही में इन दोनों सीटों पर प्रचार के लिए सपा के वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव भी पहुंचे थे। यहां रोड शो के जरिए मुलायम सिंह ने बेटे अखिलेश और भाई शिवपाल के लिए वोट मांगे थे।
दोनों दलों ने चले अपने दांव
2017 के चुनावों में सपा को एटा, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा, फर्रुखाबाद, झांसी, ललितपुर, औरैया, महोबा, कानपुर देहात जैसे जिलों में करारी हार का सामना करना पड़ा था। जबकि 2012 के विधानसभा चुनाव में इन जिलों में सपा ने क्लीन स्वीप किया था। 2012 चुनाव में तीसरे चरण की 59 सीटों में से सपा 37 सीटें जीती थी जबकि 2017 में महज नौ सीटों से संतोष करना पड़ा था।
2017 में अखिलेश यादव और शिवपाल के बीच चली वर्चस्व की लड़ाई में सपा को खामियाजा भुगतना पड़ा था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। चाचा शिवपाल भी अपने भतीजे के पक्ष में वोट मांगते नजर आ रहे हैं। पिछले चुनाव में भाजपा ने गैर यादव और ओबीसी कार्ड खेला था जो सही साबित हुआ था। वहीं शाक्य और लोध वोट भी भाजपा के पक्ष में ही गए थे। लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी ने इन वोटों को अपने पाले में लाने के लिए सियासी गठजोड़ भी किए हैं। सपा ने शाक्य समाज वोटों के लिए महान दल के साथ गठबंधन कर रखा है, जिसका आधार इसी इलाके में है।
फिरोजाबाद, हाथरस, मैनपुरी, एटा और कासगंज, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, झांसी, हमीरपुर, कानपुर देहात और ललितपुर जिले को भले ही यादव बेल्ट कहा जाता है, लेकिन शाक्य, कुर्मी और लोध वोटर भी काफी अहम है। इसीलिए भाजपा ने अपने सहयोगी अपना दल (एस) की प्रमुख अनुप्रिया पटेल को चुनाव प्रचार में लगा रखा है। तीसरे चरण की चार सीटों पर अनुप्रिया की पार्टी चुनाव लड़ रही जबकि पांच सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी। वही अखिलेश यादव ने अपने सहयोगी महान दल के प्रमुख केशव देव मौर्य को इस इलाके में चुनाव प्रचार पर लगा रखा है और उनकी पत्नी को फर्रुखाबाद जिले से प्रत्याशी बनाया है।
ये प्रमुख चेहरे है मैदान में
तीसरे चरण में 16 जिलों की 59 सीटों पर 20 फरवरी को मतदान होगा। इस चरण में हाथरस, फिरोजाबाद, एटा, इटावा, मैनपुरी, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, जालौन, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर और महोबा में चुनाव होगा। मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। इस दौर में 2.16 करोड़ मतदाता 627 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद करेंगे।
इस चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का नाम प्रमुख है, जो मैनपुरी जिले की करहल सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहां से भाजपा ने केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल को उतारा है। वहीं योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री सतीश महाना कानपुर की महराजपुर, रामनरेश अग्निहोत्री मैनपुरी के भोगांव और नीलिमा कटियार कल्याणपुर से चुनाव मैदान में हैं। अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव की हार-जीत भी इस चरण में तय होगी। वो इटावा की जसवंतनगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
जबकि कानपुर की किदवई नगर सीट से वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय कपूर चुनाव मैदान में हैं। फर्रुखाबाद सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। बसपा छोड़कर भाजपा में आए विधायक रामवीर उपाध्याय हाथरस की सादाबाद सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।