कॉरपोरेट कंपनियों का विरोध और टोल प्लाजा को मुक्त करने की रणनीति
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, किसान नेता यूपी में भी कॉरपोरेट कंपनियों के खिलाफ बड़े विरोध की तैयारी कर रहे हैं। योजना के अनुसार यूपी में काम कर रही ब़ड़ी कॉरपोरेट कंपनियों के ऑफिस, पेट्रोल पंपों और कारखानों पर पहुंचकर किसान कृषि के निजीकरण का विरोध करेंगे। कॉरपोरेट कंपनियों से सीधे खेती के क्षेत्र में प्रवेश करने से दूरी रखने का अनुरोध किया जाएगा और कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई जाएंगी।
हरियाणा-पंजाब की तरह यूपी के टोल प्लाजा को मुक्त कराने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है। 27 सितंबर के बाद किसान उत्तर प्रदेश के टोल प्लाजा पर इकट्ठा होकर उन्हें मुक्त कराने का काम करेंगे। इस दौरान टोल प्लाजा पर आवागमन मुक्त करा दिया जाएगा। इससे व्यवस्था सुचारू रखने के मामले में सरकार के सामने बेहद असहज स्थिति पैदा हो सकती है।
पूर्वांचल में भी आंदोलन तेज़ करने की तैयारी
किसान आंदोलन उत्तर प्रदेश में अभी तक पश्चिमी हिस्से में सबसे ज्यादा प्रभावी रहा है। लेकिन अब इसे पूर्वांचल के जिलों में मजबूत करने की तैयारी है। गांव-गांव, ब्लॉक और जिले स्तर पर संगठन बनाकर और जनसभाओं के कार्यक्रम कर इसे आम लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए पूरे देश के किसान नेता उत्तर प्रदेश में प्रवास करेंगे और लोगों को संबोधित करेंगे।