फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

India-Pakistan: 'पाकिस्तान जब तक हमारे गले की फांस बना रहेगा...', मणिशंकर ने की पड़ोसी देश से बातचीत की वकालत

Tue, 22 Aug 2023 09:38 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

India-Pakistan: कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा, जब तक पाकिस्तान हमारे गले की फांस बना रहेगा, हम दुनिया में अपनी उचित जगह नहीं ले पाएंगे।  यह कहना हास्यास्पद है कि भारत 'विश्वगुरु' है, जब हम नहीं जानते कि अपने पड़ोसी के साथ क्या करना है। 
विज्ञापन
पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजनयिक से राजनेता बने मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तान के साथ वार्ता बहाल करने वकालत करते हुए कहा कि भारत तब तक दुनिया में अपने उचित स्थान हासिल नहीं कर पाएगा, जब तक उसका पश्चिमी पड़ोसी देश गले की फांस बना रहेगा। 

विज्ञापन


 

अय्यर दिसंबर 1978 से जनवरी 1982 तक कराची में भारत में भारत के महावाणिज्य दूत रहे हैं। उन्होंने अपनी आत्मकथा 'मेमोयर्स ऑफ ए मावेरिक- द फर्स्ट फिफ्टी इयर्स (1941 से 1991) में पाकिस्तान के अपने कार्यकाल का पूरा अध्याय समर्पित किया है। जगरनॉट बुक्स द्वारा प्रकाशित अपनी नई किताब के बारे में अय्यर ने कहा कि निस्संदेह पाकिस्तान में महावाणिज्य दूत के रूप में उनका कार्यकाल नौकरशाही करियर का सबसे ऊंचा बिंदु रहा है। उन्होंने कराची में बिताए अपने तीन साल के बारे में विस्तार से बताया है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में भारत की सबसे बड़ी संपत्ति वहां के लोग हैं जो उसे दुश्मन देश नहीं मानते हैं। उन्होंने लिखा, पोस्टिंग से पहले दो-तीन हफ्ते के भीतर एक दिन हम डिनर से वापस आ रहे थे। मेरी पत्नी सुनीता ने मुझसे एक सवाल किया जो मेरे प्रवास के दौरान मेर दिमाग में गूज रहा था- 'यह एक दुश्मन देश है, है ना'? अय्यर ने कहा कि उन्होंने यह सवाल अपने तीन साल वहां रहने और पाकिस्तान से लौटने के बाद पिछले 40 साल में खुद से पूछा है।

अय्यर ने कहा,'मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि जहां तक पाकिस्तान के लोगों का सवाल है, सेना के कुछ वर्गों या राजनीति के कुछ हिस्सों की जो भी राय हो, वे न तो दुश्मन देश के हैं और न ही वे भारत को दुश्मन देश मानते हैं।' उन्होंने कहा, 'हर बार जब हम (पाकिस्तानी) सरकार के प्रति अपनी अस्वीकृति दिखाना चाहते हैं, वीजा रोक दिया जाता है, फिल्में रोक दी जाती हैं, टीवी पर आदान-प्रदान बंद कर दिया जाता है, किताबें रोक दी जाती हैं, यात्रा रोक दी जाती है, इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि हम अपने राजनयिक दृष्टिकोण के अभिन्न अंग के रूप में पाकिस्तान के लोगों की सद्भावना का लाभ क्यों नहीं उठा सकते हैं।'

उन्होंने कहा कि पिछले नौ साल से भारत और पाकिस्तान के बीच सभी तरह की बातचीत रुकी हुई है। कांग्रेस नेता ने कहा,'जब तक नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री नहीं बने थे, लगभग हर प्रधानमंत्री के पास समय था तो वह पाकिस्तानियों के साथ किसी न किसी तरह की बातचीत की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अब हम ठंडे बस्ते में हैं और इस रोक के पीड़ित पाकिस्तान की सेना नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान के लोग हैं जिनके रिश्तेदार बड़ी संख्या में भारत में रहते हैं और जिनमें से कई की इच्छा है कि हमारे देश का दौरा करें।'

अय्यर ने कहा कि कराची में अपने राजनयिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने तीन लाख वीजा जारी किए और उन्हें दुरुपयोग की एक भी शिकायत नहीं मिली। उन्होंने कहा, 'तो हम पाकिस्तानी लोगों को निशाना क्यों बना रहे हैं? यदि आप चाहें तो पाकिस्तानी प्रतिष्ठान को निशाना बना सकते हैं, लेकिन जहां तक लोगों का सवाल है, वे हमारी सबसे बड़ी संपत्ति हैं और जहां तक सत्ता प्रतिष्ठान का सवाल है, हम उन्हें निशाना बना सकते हैं लेकिन हमें उनके साथ जुड़ने की जरूरत है।' उन्होंने कहा कि वह हाल ही में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम से प्रभावित हुए हैं, जिसमें पाकिस्तान में भारत के पांच पूर्व उच्चायुक्तों ने भाग लिया था और सभी ने जोर देकर कहा था कि इस्लामाबाद के साथ बातचीत महत्वपूर्ण है और इसके बिना कोई प्रगति नहीं हो सकती।  

कांग्रेस नेता ने कहा,'वह डॉ. मनमोहन सिंह थे जिन्होंने स्पष्ट रूप से दिखाया कि यदि आप पाकिस्तानियों से जनता की नजरों से निर्बाध तरीके से बात करते हैं, तो आप कश्मीर के मुद्दे को भी हल कर सकते हैं। आखिरकार, चार सूत्री समझौता था जिसका मसौदा तैयार किया गया था और वस्तुत: उस पर सहमति बनी थी और ऐसा इसलिए नहीं था कि पाकिस्तानी कश्मीर पर उस चार सूत्री समझौते से पीछे हट गए थे, बल्कि इसलिए कि (परवेज) मुशर्रफ की सरकार मुश्किल में पड़ गई और अंतत: गिर गई कि वार्ता बाधित हुई।'
विज्ञापन

उन्होंने कहा, 'जब तक पाकिस्तान हमारे गले की फांस बना रहेगा, हम दुनिया में अपनी उचित जगह नहीं ले पाएंगे। अय्यर ने जोर देकर कहा, 'यह कहना हास्यास्पद है कि भारत 'विश्वगुरु' है, जब हम नहीं जानते कि अपने पड़ोसी के साथ क्या करना है। अय्यर ने किताब में दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि आम पाकिस्तानी न केवल हमारी भाषा बोलते हैं और एक जैसी 'तहजीब' साझा करते हैं, वे बॉलीवुड और उसके संगीत से प्यार करते हैं और उन्हीं चुटकुलों पर हंसते हैं और उपमहाद्वीप के बाहर हर जगह हमसे दोस्ती करते हैं। किताब में लिखा है, 'पाकिस्तान में सेवा देने वाला लगभग हर व्यक्ति भारतीयों के प्रति उनकी व्यक्तिगत सद्भावना को स्वीकार करता है।'
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें