तमिलनाडु के विलुप्पुरम में स्थित धर्मराज द्रौपदी अम्मन मंदिर में एक दलित पूजा को पूजा करने से रोका गया और उसके साथ मारपीट गई थी। इलाके में जातीय तनाव फैलने के कारण प्रशासन ने मंदिर को सील कर दिया था। वहीं केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने शनिवार को अपील की तमिलनाडु सरकार राज्य में अनुसूचित जाति के सदस्यों पर अत्याचार को समाप्त करें। उन्होंने कहा कि स्टालिन सरकार को वंचित वर्गों के लिए आर्थिक और सामाजिक कल्याण के मोर्चे पर केंद्र की पहल का भी समर्थन करना चाहिए।
अठावले ने तमिलनाडु में अनुसूचित जाति के लोगों पर हो रहे अत्याचारों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पुडुकोट्टई जिले में अनुसूचित जाति की आबादी वाले इलाके में एक पानी की टंकी में मानव मल मिलने के मामले पर बात की साथ ही विल्लुपुरम के मेलपाथी गांव में एक मंदिर में दलितों के प्रवेश को लेकर हुई हिंसा पर प्रकाश डाला।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन मुद्दों पर मुख्यमंत्री एम के स्टालिन को व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करना चाहिए और मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करना चाहिए। साथ ही कहा कि राज्य सरकार को अनुसूचित जाति की सुरक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए और साथ ही अपराधियों को दंडित करना चाहिए।
अठावले ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं सीएम स्टालिन से अपील करता हूं कि वे सभी समुदायों, खासकर पुदुकोट्टई और विल्लुपुरम जिलों में दलितों पर अत्याचार करने वालों के साथ एक बैठक आयोजित करें और सुनिश्चित करें कि एससी समुदाय शांति से रहे और उनकी सुरक्षा हो। अठावले ने कहा कि हमारा मंत्रालय अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को वित्तीय सहायता देता है और देश में ऐसी संख्या में वृद्धि को देखते हुए, मुझे लगता है कि भारत जल्द ही जाति व्यवस्था से छुटकारा पा सकेगा।
उन्होंने डीएमके सरकार पर एससी सदस्यों के लिए केंद्र की पहल का समर्थन नहीं करने का आरोप लगाया। अठावले ने कहा कि हम तमिलनाडु को भारत के राज्यों में से एक मान रहे हैं और भारत सरकार आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण कार्यक्रम प्रदान कर रही है। उन्होंने दावा किया कि उनका मंत्रालय तमिलनाडु से भेजे गए किसी भी प्रस्ताव को तुरंत मंजूरी दे देगा।