संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राज्यसभा की कार्यवाही में बाधा पहुंचाने को लेकर विपक्ष पर सच्चाई और लोकतंत्र के खिलाफ राह अपनाने का आरोप लगाया है। बता दें कि विपक्ष के हंगामे के चलते शीतकालीन सत्र निर्धारित तिथि से एक दिन पहले बुधवार को ही समाप्त हो गया था।
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी लगातार हमलावर हैं। शुक्रवार को उन्होंने उच्च सदन में कांग्रेस के मुख्य व्हिप जयराम रमेश और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं पर आरोप लगाया कि वो चेयरमैन पर आक्षेप लगाकर 'उल्टी कहानी' गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। संसदीय मामलों के मंत्री जोशी ने कहा कि यह सच्चाई के साथ-साथ लोकतंत्र के भी खिलाफ है।
विज्ञापन
जोशी ने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह बहुत दुखद है कि विपक्ष के कुछ सदस्यों ने लोकतंत्र के मंदिर को सड़कों की लड़ाई जैसा स्थान बना दिया। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष के हंगामे पर चेयरमैन एम वेंकैया नायडू ने दुख व्यक्त किया था और विपक्ष और सरकार दोनों से एक साथ बैठकर विवाद का समाधान ढूंढने के लिए कहा था। लेकिन विपक्ष उल्टा उन्हीं पर कार्रवाई न करने का आरोप लगा रहा है।
बजट सत्र से निलंबित करने के लिए नाम तो नहीं लिया: जयराम
वहीं, इस आरोप पर जयराम रमेश ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि जोशी के बयान में मेरा नाम आगामी बजट सत्र में निलंबन के लिए नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा इसमें विश्वास करता आया हूं कि सम्मान कमाया जाता है, सम्मान की मांग नहीं की जाती है।' राज्यसभा के 12 विपक्षी सांसदों को अनुशासनहीनता के आरोप में पूरे सत्र से निलंबित कर दिया गया था, जिसके विरोध में विपक्ष ने जनकर हंगामा काटा था।
विज्ञापन
खड़गे पर एक परिवार से दबाव डाले जाने का लगाया था आरोप
इससे पहले गुरुवार को जोशी ने कहा था कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे एक परिवार की ओर से सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से न चलने देने के लिए डाले जा रहे दबाव में थे। उन्होंने कहा था कि चेयरमैन एम वेंकैया नायडू ने सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध का समाधान ढूंढने के प्रयास किए, लेकिन कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से न चलने देने पर अड़े हुए थे।