सरकार ने कहा है कि जनगणना में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अतिरिक्त कोई जातीय जनगणना नहीं करने का फैसला किया गया है। लोकसभा में मंगलवार को यह जानकारी दी गई।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि संविधान के प्रावधानों के अनुसार लोकसभा और विधानसभाओं में जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटें आरक्षित हैं।
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महाराष्ट्र और उड़ीसा सरकार चाहती है जातिगत जनगणना
उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र और ओडिशा की सरकारों ने आगामी जनगणना में जातीय विवरण एकत्रित करने का अनुरोध किया है। भारत सरकार ने नीतिगत मामले के रूप में फैसला किया है कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अतिरिक्त कोई जातीय जनगणना नहीं होगी।’’
कोरोना के कारण जनगणना का काम रोका एक अन्य प्रश्न का जवाब देते हुए, राय ने कहा कि 2021 की जनगणना कराने के लिए अधिसूचना 28 मार्च, 2019 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित की गई है, लेकिन कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण, जनगणना गतिविधियों को रोक दिया गया है।