केंद्र सरकार लोगों तक ज्यादा से ज्यादा आयुष्मान कार्ड पहुंचाने की तैयारी कर रही हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने रविवार को कहा कि आयुष्मान प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत रोजाना 10 लाख आयुष्मान भारत कार्ड बांटने का लक्ष्य है।
रविवार को उन्होंने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के चार साल और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के कार्यान्वयन के एक वर्ष पूरा होने पर आरोग्य मंथन 2022 का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि देश में अभी तक उन्नीस करोड़ लाभार्थियों के पास आयुष्मान भारत कार्ड हैं। पहले देश में एक से डेढ़ लाख रोजाना आयुष्मान कार्ड बनते थे। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए रोजाना करीब 10 लाख कार्ड बनाने का सरकार का लक्ष्य है। अभी तक चार से पांच लाख कार्ड बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत देश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए हर जिले में करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक किफायती और सुलभ बनाने पर जोर दिया। साथ ही जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन योजनाओं को राज्यों और निजी खिलाड़ियों के साथ मिलकर काम करके अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान भी किया।
योजना के तहत अभी तक देशभर में 28,300 से अधिक अस्पतालों को जोड़ा जा चुका है। इनमें से 46 प्रतिशत निजी हैं, को सूचीबद्ध किया गया है। योजना के तहत कुल 3.8 करोड़ मरीजों को अस्पताल में दाखिल कराया जा चुका है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि 46 प्रतिशत सरकारी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती कराया गया है। अस्पतालों में भर्ती होने वाले कुल मरीजों में से 27 फीसदी की उम्र जहां 45 से 59 साल के बीच थी, वहीं 24 फीसदी 3 से 44 साल के आयु वर्ग के थे।