विपक्षी दलों की ओर से कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों और मौत के आंकड़े कम करके दिखाने के आरोपों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी करके इस पर स्पष्टीकरण दिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में स्पष्ट किया है कि संक्रामक बीमारी और इसके प्रबंधन के सिद्धांतों के अनुसार कोरोना वायरस के कुछ मामले जानकारी में आने से बचे हो सकते हैं, भारत में स्थिति आधारित मृत्यु पंजीकरण की व्यवस्था को देखते हुए मौतों की जानकारी न होने की संभावना नहीं के बराबर है।
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बयान में कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान पूरे देश में स्वास्थ्य व्यवस्था बीमारी के मामलों के प्रभावी चिकित्सकीय प्रबंधन पर केंद्रित थी, जिसके चलते कोविड से होने वाली मौतों की सही जानकारी देने में हो सकता है कि देरी हुई हो, लेकिन इसे बाद में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सुलझा लिया।