लव अग्रवाल ने कहा कि विश्लेषण से पता चलता है कि हम जैसे ही गतिविधियों को फिर से शुरू करते हैं मास्क का उपयोग कम होने लगता है। हमें अपने दैनिक जीवन में मास्क के उपयोग को एक 'नए सामान्य' की तरह शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 47 जिलों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने की दर 10 फीसदी से अधिक रही।
उन्होंने कहा कि 14 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में 73 जिलों में प्रतिदिन 100 से अधिक नए मामले सामने आए। अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 के प्रतिदिन के मामलों में धीमी कमी देश के लिए यह चेतावनी है कि स्थिति नियंत्रण में है लेकिन यदि कोविड से जुड़े नियमों का अनुपालन नहीं किया गया तो स्थिति बिगड़ सकती है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 15 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 47 जिलों में कोविड-19 पॉजिटिविटी दर 10 फीसदी से अधिक दर्ज की गई। इनमें मणिपुर, केरल, राजस्थान, मेघालय, मिजोरम, अरूणाचल प्रदेश, नगालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, असम, महाराष्ट्र और पुडुचेरी शामिल हैं।
वहीं, प्रेसवार्ता में मौजूद रहे नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा, 'हमारे टीके प्रभावकारी हैं और बहुत सुरक्षित हैं तथा पहले से किसी अन्य बीमारी से ग्रसित लोगों, गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को अवश्य ही इसे लगवाना चाहिए। हालांकि, हम पूरी तरह से टीकों के भरोसे नहीं रह सकते हैं।'
दुनिया में कोरोना संक्रमण के हालात और तीसरी लहर की संभावना को लेकर डॉ. पॉल ने कहा कि कई क्षेत्रों में स्थिति बद से बदतर हो गई है। दुनिया कोरोना की तीसरी लहर की ओर बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तीसरी लहर को लेकर दी गई चेतावनी को हल्के में नहीं लिया जा सकता है, यह एक रेड फ्लैग है।