गुजरात के जामनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद पूरे देश में होने वाले आयुर्वेद के शोध को बढ़ावा देगा। यहां के रिसर्च और तकनीकी सहयोग से न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया में आयुर्वेद को पहचान मिलेगी। आयुर्वेद मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने गुजरात के जामनगर में इसके लिए राज्य सरकार के साथ एक करार भी किया है।
इस करार के तहत जामनगर में आयुर्वेद परिसर में चलने वाले सभी संस्थानों को आईटीआरए के तहत लाया गया है। इस करार पर दस्तखत करते हुए गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन भाई पटेल ने कहा ऐसा होने से आयुर्वेद के सभी शाखाओं की शिक्षण प्रणाली को बहुत मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा गुजरात में होने वाले शोध से न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया में आयुर्वेद को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देते आ रहे हैं।
संस्थान के निदेशक डॉ अनूप ठक्कर और गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक रजिस्ट्रार एचपी झालानी ने आयुष मंत्रालय के साथ हुए इस करार के दस्तावेजों को आपस में सौंपा। इस कार्यक्रम के दौरान आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा आईटीआरए न सिर्फ देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में आयुर्वैदिक शोध संस्थान के मामले में अहम स्थान रखता है।