केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री विरेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार की योजना देश के हर जिले में वृद्धाश्रम खोलने की है। शुरुआती चरण में देश के 250 जिलों की पहचान की गई है, जहां स्थानीय एनजीओ के साथ मिलकर इन्हें चलाया जाएगा।
अपने मंत्रालय की आठ साल की उपलब्धियों के साथ विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को पहली बार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना के तहत सीधे खातों में छात्रवृत्ति दी जा रही है। अब तक 41 लाख विद्यार्थी इससे लाभान्वित हो चुके हैं।
वरिष्ठ नागरिकों के दोबारा रोजगार के लिए पोर्टल
सेवानिवृत्त हो चुके जो वरिष्ठ नागरिक दोबारा काम करना चाहते हैं, उनके लिए एसएसीआरडी पोर्टल की शुरुआत की गई है। इसके लिए नौ स्टार्टअप के साथ गठबंधन किया गया है। इस पोर्टल से रोजगार चाहने वालों और देने वालों को साथ लाने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य इस साल सौ जिलों को नशामुक्त बनाने का है। 2011 की जनगणना के मुताबिक, देश में 60 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र के 10.4 करोड़ लोग हैं। इनमें 5.1 करोड़ पुरुष और 5.3 करोड़ महिलाएं हैं।
राज्यों की 585, केंद्र की 1030 इमारतें दिव्यांगों के अनुकूल
सुलभ भारत अभियान के तहत राज्यों की 585 और केंद्र सरकार की 1030 इमारतों को 553.39 करोड़ रुपये खर्च कर दिव्यागों के अनुकूल बनाया गया है।