विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यात्रा से दोनों पक्षों को राजनीतिक, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सुरक्षा, सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच संपर्क समेत अन्य पहलुओं की समीक्षा करने के साथ-साथ आपसी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने में मदद मिलेगी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल जाबेर अल-सबा तथा क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालिद अल-सबा से मुलाकात की। जयशंकर ने कुवैत के नेताओं के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए विचारों का आदान-प्रदान किया।
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एक दिवसीय यात्रा पर रविवार को कुवैत पहुंचे जयशंकर ने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने संबंधी पीएम शेख सबा के विचारों की सराहना की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। विदेश मंत्री ने आर्थिक सहयोग को लेकर कुवैत के पीएम के विचारों को मूल्यवान बताया। जयशंकर ने इस मुलाकात की जानकारी खुद सोशल मीडिया पर साझा की। सरकारी समाचार एजेंसी केयूएनए के अनुसार, मुलाकात के दौरान नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों व सहयोग बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा हुई।
इससे पहले कुवैत पहुंचने पर विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने क्राउन प्रिंस से मुलाकात की। जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालिद अल-सबा से मुलाकात करके गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। भारत के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री की तरफ से उन्हें शुभकामनाएं दीं। भारत-कुवैत के बीच सद्भावना व मित्रता के सदियों पुराने संबंध हैं। हमारी समकालीन साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। हमारे संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने से जुड़े उनके विचार और मार्गदर्शन के लिए उनका धन्यवाद।
Namaste Kuwait.
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Thank FM Abdullah Ali Al-Yahya for the warm welcome. Looking forward to my engagements today with the Kuwaiti leadership.
आपसी अंतरराष्ट्रीय हितों पर भी हुई विस्तृत चर्चा
विदेश मंत्रालय ने जयशंकर की यात्रा से पहले एक बयान में कहा था कि विदेश मंत्री की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों को राजनीतिक मसलों, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सुरक्षा, सांस्कृतिक, वाणिज्य दूतावास समेत भारत-कुवैत द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत करने का अवसर मिलेगा। इस दौरान आपसी हितों के जुड़े क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी होगा।
दो महीने पहले अग्निकांड में मारे गए थे 45 भारतीय : करीब दो महीने पहले कुवैत के मंगाफ की एक इमारत में लगी भीषण आग में 45 भारतीयों समेत 49 विदेशी कामगारों की मौत हो गई थी। 50 अन्य घायल हो गए थे। जयशंकर इस घटना के बाद पहली बार कुवैत पहुंचे हैं।