कोयले की कमी पर केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त स्टॉक था, लेकिन कोयला खदानों वाले क्षेत्रों में भारी बारिश की वजह से इस पर असर पड़ा है। हालांकि, दो-तीन दिनों से स्थिति बेहतर है। मैंने कोल इंडिया को स्टॉक वापस न्यूनतम स्तर पर लाने का लक्ष्य दिया है। उन्होंने कहा कि कोयला और खनन क्षेत्र भारत के लिए 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए प्रमुख योगदान दे सकता है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि 100 जी-4 चरण संभावित खनिज ब्लॉकों को सौंपने के समारोह में मैंने भाग लिया। हमारे खनिज संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की आवश्यकता है। राजस्व और रोजगार पैदा करने के नए रास्ते के लिए इन खनिज ब्लॉकों की राज्यों की ओर से नीलामी की जा सकती है।
कोयले की कमी से जूझ रहा देश
इससे पहले सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सीआईएल की शाखा महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने बताया था कि उसने सोमवार को बिजली संयंत्रों को कुल 85 रेक कोयला भेजा है, जबकि 84 रेक का लक्ष्य था। एमसीएल का यह कदम कोयले की कमी से जूझ रहे देश के बिजली संयंत्रों के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
बयान में कहा गया कि बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति बढ़ाते हुए एमसीएल ने सोमवार को ओडिशा स्थित अपनी खदानों से उपभोक्ताओं को पांच लाख टन अधिक कोयला भेजा। बताया गया है कि एमसीएल ने पांच लाख टन कोयला उठाव के लक्ष्य को 5.18 लाख टन कोयले का उठाव कर पार किया है।
कंपनी ने कोशिशें शुरू कीं
वहीं, सीआईएल ने पिछले हफ्ते बताया था कि जिन बिजली घरों के पास छह दिन तक का कोयला भंडार रह गया है अथवा जिनके पास कोयले की भारी कमी है उन्हें आपूर्ति में प्राथमिकता दी जायेगी। सीआईएल ने बिजली संयंत्रों को कोयला आपूर्ति बढ़ाने में मदद के लिए एक बहु-आयामी प्रयास भी शुरू किया है। कंपनी की तरफ से यह बयान देश के बिजली संयंत्रों में कोयल के कम होते भंडार के मद्देनजर आया था।