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30 लाख सरकारी कर्मचारियों को दिवाली बोनस का तोहफा, कैबिनेट ने दी मंजूरी

Wed, 21 Oct 2020 04:27 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • 30 लाख से अधिक गैर-राजपत्रित अधिकारियों को पहुंचेगा फायदा
  • दशहरे से पहले डीबीटी के माध्यम से एक बार में भेजी जाएगी राशि
  • जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम,1989 लागू करने की मंजूरी
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केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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Bonus for Central Govt. Employee: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का एलान हुआ। कैबिनेट ने 30 लाख सरकारी कर्मचारियों को 3737 करोड़ रुपये का दिवाली बोनस देने का फैसला किया है। कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए उत्पादकता और गैर उत्पादकता से जुड़े बोनस को मंजूरी दे दी है।

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केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताया कि बोनस की एकमुश्त राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) के माध्यम से कर्मचारियों के खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि दशहरा या दुर्गा पूजा से पहले ही 30 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को 3737 करोड़ रुपये के बोनस का भुगतान शुरू हो जाएगा। 
 
केंद्रीय कैबिनेट के इस निर्णय से सरकार के 30 लाख से अधिक गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को लाभ पहुंचेगा। वहीं, राजकोषीय खजाने पर 3737 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। पिछले सप्ताह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम शुरू करने का एलान किया था। इसके तहत कर्मचारी 10 हजार रुपये  एडवांस में ले सकेंगे।
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जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम,1989 को लागू करने की मंजूरी

कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम,1989 को केंद्र शासित प्रदेश में लागू करने की मंजूरी भी दे दी। जावड़ेकर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों की तरह जम्मू-कश्मीर में भी जमीनी स्तर पर लोकतंत्र के तीनों स्तरों को स्थापित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोग अब चुनाव से अपने प्रतिनिधि चुन सकेंगे।

उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद भारत के कई जन कल्याण के कानून वहां लागू होना शुरू हो गए हैं। पिछले सप्ताह ही त्रिस्तरीय पंचायत समिति का कानून जम्मू-कश्मीर में भी लागू हो गया। यही तो कश्मीर पर अन्याय था। जन कल्याण के अनेक कानून भारत में होकर भी लागू नहीं होते थे। आज उस निर्णय पर मुहर लगी।

उन्होंने कहा, 'यह कानून लागू होने से केंद्र शासित प्रदेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी। लोगों के हाथ में सत्ता आएगी। कश्मीर का एक दुख था कि सत्ता लोगों के पास नहीं चंद लोगों के पास थी। अब वह आम जनता के पास आ गई है। यह बहुत बड़ा बदलाव है।' जावड़ेकर ने उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर के लोग इस बदलाव का स्वागत करेंगे।
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