उत्तराखंड कैडर के 2002 बैच के आईएफएस अधिकारी चतुर्वेदी ने यह याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने केंद्र को यह निर्देश देने की मांग की थी कि वह केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव या समकक्ष स्तर पर पैनल में शामिल करने के उनके आवेदन को खारिज किए जाने से संबंधित सभी दस्तावेज, मूल्यांकन, विशेषज्ञ समितियों, सिविल सेवा बोर्ड (सीएसबी) की रिपोर्ट और सक्षम अधिकारियों के निष्कर्ष पेश करे।
केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव या समकक्ष स्तर पर पैनल में शामिल करने के आवेदन को खारिज किए जाने से जुड़े दस्तावेजों की मांग करने वाली एक आईएफएस की याचिका पर केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की मुख्य पीठ ने सुनवाई की। इस दौरान केंद्र सरकार के वकील सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुए। इससे कैट की पीठ नाराज हो गई। जिसके बाद पीठ ने कहा है कि वह शुक्रवार को इस मामले में एकतरफा फैसला सुनाएगी। गौरतलब है कि भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने यह याचिका दायर की थी।
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मामले में न्यायमूर्ति राजीव जोशी (न्यायिक सदस्य) और आनंद एस खाती (प्रशासनिक सदस्य) की पीठ ने मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की। उन्होंने मामले में कहा कि प्रतिवादी (भारत संघ) की ओर से सुनवाई के दौरान कोई भी नहीं आया है। हालांकि उत्तरदाताओं की ओर से वकील हनु भास्कर उपस्थित थे, लेकिन पीठ ने मामले में सुनवाई से इनकार कर दिया। पीठ ने इ संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि मामले में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वकील टी सी अग्रवाल भी उपस्थित नहीं है, उनसे भी कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अदालत के सामने मामले को स्थगित करने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचा है।
आदेश में आगे कहा गया है कि कैट ने मामले को 22 मार्च, 2024 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।साथ ही इसमें यह कहा गया कि यह स्पष्ट किया जाता है कि मामले में तय की गई अगली तारीख पर अगर वकील उपस्थित होने में विफल रहे, तो मामले का गुण-दोष के आधार पर एकपक्षीय फैसला किया जाएगा।
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इससे पहले, 20 फरवरी के एक आदेश में कहा गया था कि सभी पक्षों के बीच दलीलों का आदान-प्रदान पहले ही हो चुका है, इसलिए इस मामले को अंतिम सुनवाई के लिए 18 मार्च को रखा जाए।
गौरतलब है कि उत्तराखंड कैडर के 2002 बैच के आईएफएस अधिकारी चतुर्वेदी ने यह याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने केंद्र को यह निर्देश देने की मांग की थी कि वह केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव या समकक्ष स्तर पर पैनल में शामिल करने के उनके आवेदन को खारिज किए जाने से संबंधित सभी दस्तावेज, मूल्यांकन, विशेषज्ञ समितियों, सिविल सेवा बोर्ड (सीएसबी) की रिपोर्ट और सक्षम अधिकारियों के निष्कर्ष पेश करे। बाद में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 15 नवंबर, 2022 के एक आदेश के माध्यम से अधिकारी को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) द्वारा संयुक्त सचिव या समकक्ष पद के लिए पैनल में शामिल नहीं किए जाने की जानकारी दी गई थी। ट्रिब्यूनल ने 20 दिसंबर 2022 को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था।