रिटायर्ड कर्नल वैभव अनिल काले (फाइल फोटो)
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संयुक्त राष्ट्र ने उसके यहां कार्यरत भारतीय अधिकारी सेवानिवृत्त कर्नल वैभव अनिल काले की दक्षिण गाजा के संघर्षरत राफा में इस्राइली हमले में हुई मौत की जांच के आदेश दिए हैं। गाजा पर हमलों में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय अधिकारी की मौत पर संयुक्त राष्ट्र ने कड़ा रुख अपनाया है। पूर्व कर्नल वैभव, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा-संरक्षा विभाग में कार्यरत थे। वे अपनी सहकर्मी के साथ राफा में यूरोपीय अस्पताल जा रहे थे। हमले में उनकी सहयोगी भी घायल हुईं।
संयुक्त राष्ट्र ने कर्नल काले की मौत पर शोक व्यक्त किया और भारत से खेद जताया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि भारत ने जो योगदान दिया है हम उसकी सराहना करते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने घातक हमले की जांच के लिए एक तथ्य-खोज पैनल की स्थापना की है। यह जांच अभी शुरुआती दौर में है और घटना का विवरण इस्राइली रक्षा बल के साथ सत्यापित किया जा रहा है।
जांच अफसरों से कर रहे नियमित संपर्क शव जल्द आएगा भारत : विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पूर्व कर्नल काले की मौत पर सरकार उनके परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करती है। यूएन में भारतीय स्थायी मिशन उनके शव को भारत वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं। वे जांच से संबंधित अधिकारियों के नियमित संपर्क में हैं। मिशन ने आशा जताई कि उनकी पार्थिव देह जल्द भारत पहुंचेगी।
चाची बोलीं, वैभव देश के लिए अपना सब कुछ देने को तत्पर था
कर्नल काले की मौत की खबर मिलते ही उनके ठाणे स्थित घर पर सन्नाटा छा गया। काले की चाची मुग्धा अशोक काले ने कहा, जब हमने वैभव के बारे में सुना, तो बड़ा झटका लगा। हमने हाल के दिनों में उन्हें ज्यादा देखा भी नहीं था लेकिन वह देश के लिए अपना सबकुछ देने को तत्पर था। उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि वह अभी भी आत्मा में हमारे साथ हैं।