संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस इन दिनों भारत यात्रा पर हैं। अपने दूसरे कार्यकाल में वे पहली बार भारत की यात्रा कर रहे हैं। अपनी यात्रा के तय कार्यक्रम के मुताबिक, उन्होंने गुरुवार को गुजरात में स्थित सौर ऊर्जा से संचालित भारत के पहले गांव मोढेरा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मोढेरा के लोग ‘मानव जाति और ग्रह के बीच सामंजस्य’ की मिसाल कायम कर रहे हैं। मोढेरा के बाद वे पीएम मोदी के साथ मिशन 'LIFE' के लांचिग कार्यक्रम में भी शामिल हुए। दोनों नेताओं ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में ‘मिशन लाइफ’(लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) अभियान की शुरुआत की।
भारत के पहले सौर उर्जा से संचालित गांव का दौरा किया
गौरतलब है कि भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख गुतारेस ने अपने दौरे के दूसरे दिन गुजरात के मेहसाणा जिले के गांव मोढेरा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यहां के 1,300 परिवारों में से कुछ से बातचीत की। जिन्होंने अपने घरों में सौर बिजली उत्पादन पैनल स्थापित किए हैं। गौरतलब है कि इस गांव में 11वीं सदी का सूर्य मंदिर स्थापित है।
उन्होंने कहा कि मोढेरा के निवासी पृथ्वी को बचाने की लड़ाई में फ्रंटलाइन वारियर्स हैं। ये वेहद अच्छा है। इसके लिए हमें यहां की सरकार और सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सौर ऊर्जा उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक हजार साल पहले लोगों ने माना था कि सूर्य हमारी ऊर्जा का मूल है। अब एक हजार साल बाद आप सूर्य को फिर से सभी ऊर्जा का मूल बना रहे हैं। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मोढेरा के सूर्य मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम देखा।
सब्सिडी लोगों को दी जानी चाहिए, वस्तुओं को नहीं: संयुक्त राष्ट्र महासचिव
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने इस दौरान जीवाश्म ईंधन सब्सिडी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हरित अर्थव्यवस्था न केवल पृथ्वी के लिए बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी है। शहरों में प्रदूषण के कारण दुनिया भर में हर साल 70 लाख लोग मारे जाते हैं। हमें जैव विविधता का संरक्षण करना चाहिए और जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि वस्तुओं की जगह लोगों को सब्सिडी दी जानी चाहिए।
पीएम मोदी के साथ मिशन 'LIFE' को किया लांच
मोढेरा के बाद वे पीएम मोदी के साथ मिशन 'LIFE' के लांचिग कार्यक्रम में भी शामिल हुए। दोनों नेताओं ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में ‘मिशन लाइफ’(लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) अभियान की शुरुआत की। इस मिशन का उद्देश्य त्रिस्तरीय रणनीति को लागू करके जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का मुकाबला करना है। मिशन लाइफ में दुनियाभर से एक नई शुरुआत की अपील की गई। इसमें पर्यावरण को बचाने के लिए शपथ लेने के अलावा संरक्षण की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मिशन लाइफ में हर छोटी-छोटी चीजों के प्रति भी जागरूकता पैदा की जाएगी जिससे पर्यावरण को लाभ हो। मिशन लाइफ की लॉन्चिंग होते ही विदेशों में भी इसकी खूब चर्चा होने लगी।
'लाइफ मिशन' लॉन्चिंग पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने रखी अपनी बात
'लाइफ मिशन' लॉन्चिंग के मौके पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि व्यक्ति और समुदाय हमारे ग्रह और हमारे सामूहिक भविष्य की रक्षा के समाधान का हिस्सा हो सकते हैं और होना चाहिए। G20 देशों का वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का 80% हिस्सा है, लेकिन यह वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 80% का भी प्रतिनिधित्व करता है। संसाधनों के रूप में संयुक्त G20, उनके पास प्रकृति के खिलाफ युद्ध को समाप्त करने और हमें स्थायी जीवन की दिशा में स्थापित करने की शक्ति है। विकसित देशों को भारत जैसे देशों को सार्थक वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करना चाहिए। हमें एक नवीकरणीय क्रांति लाने की जरूरत है और इस पर भारत के साथ काम करने की उम्मीद है।
मिशन LiFE, P3 की अवधारणा को मजबूत करेगा: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि मिशन LiFE P3 की अवधारणा को मजबूत करेगा। P3 यानी 'प्रो प्लेनेट पीपल'। आज हम ऐसी दुनिया में जी रहे हैं जहां इस बात की चर्चा रहती है कि कौन किस देश या गुट के साथ या ख़िलाफ़ है। लेकिन मिशन LiFE 'प्रो प्लेनेट पीपल' के तहत जोड़ता है और विचार से समाहित कर एक कर देता है। यह 'लाइफस्टाइल ऑफ द प्लेनेट, फॉर द प्लेनेट और बाय द प्लेनेट' के मूल सिद्धांत पर चलता है
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने मिशन लाइफ की सराहना की
प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठक के दौरान, संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जलवायु के क्षेत्र में भारत की महत्वाकांक्षी पहल विशेष रूप से मिशन लाइफ के शुभारंभ की सराहना की। दोनों ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की, जिसमें यूक्रेन में चल रही स्थिति भी शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र महासचि गुटेरेस ने भारत की आगामी जी20 अध्यक्षता का स्वागत किया और कहा कि संयुक्त राष्ट्र प्रणाली विकासशील देशों के लाभ के लिए प्रौद्योगिकियों और वित्त के हस्तांतरण की सुविधा के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगी।
वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देकर और आतंकवाद का मुकाबला करने के अपने कड़े संदेश के साथ भारत की अपनी यात्रा शुरू करने के लिए यूएनएसजी को धन्यवाद दिया।