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Maharashtra: चुनाव आयोग को उद्धव ठाकरे की चुनौती, पार्टी के 'मशाल' गाने में बदलाव करने से किया इनकार

Sun, 21 Apr 2024 03:40 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मीडिया से बात करते हुए उद्धव ठाकरे ने बताया कि मध्य प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री ने बजरंग बली की जय कहा था। अमित शाह ने कहा था कि अगर वे फिर से सत्ता में आते हैं तो सभी को दर्शन के लिए आयोध्या के राम मंदिर में ले जाया जाएगा।
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उद्धव ठाकरे - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर हमला बोला है। दरअसल, चुनाव आयोग ने मशाल' गाने में दो बदलाव करने को कहा था। आयोग के इस आदेश को उद्धव ने मानने से इनकार कर दिया। इसी के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर भी निशाना साधा है। 
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उद्धव ने चुनाव आयोग को चुनौती देते हुए कहा, "कल हमें चुनाव आयोग की तरफ से एक चिट्ठी मिली। हमारे पार्टी का चिह्न अब 'मशाल' है। हमने आगामी चुनाव के लिए मशाल गाना भी लॉन्च किया है। जब इसे चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया, तब उन्होंने दो शब्द 'हिन्दू हा तुझ धर्म' और 'जय भवानी, जय शिवाजी' हटाने के लिए कहा। मैं चुनाव आयोग को कहना चाहूंगा कि हम इसे नहीं हटाएंगे।"
उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग के आदेश को मानने से किया इनकार
उद्धव ठाकरे ने बताया कि वह सार्वजनिक बैठकों में जय भवानी और जय शिवाजी बोलना नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा, "अगर चुनाव आयोग हमारे खिलाफ कार्रवाई करती है तो उन्हें यह बताना पड़ेगा कि जब प्रधानमंत्री अपनी रैलियों में जय बजरंग बली कहते हैं तो वे (चुनाव आयोग) क्या करते हैं। यहां तक की अमित शाह ने भी लोगों से कहा कि रामलला के दर्शन के लिए भाजपा को वोट करें।" 
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उद्धव ने आयोग से पूछा कि क्या अब कानून को बदल दिया गया है? क्या अब धर्म के नाम पर वोट मांगना ठीक है? चुनाव आयोग ने हमारी चिट्ठी का जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा, "हमने चुनाव आयोग को बताया कि अगर नियम बदल गए हैं तो हम अपने चुनाव रैलियों में हर हर महादेव भी कहेंगे।"

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम ने कहा कि उनके पिता बालासाहेब ठाकरे को छह साल तक वोट देने और चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था, क्योंकि उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के रहते हुए हिंदुत्व का प्रचार किया था। 
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