आरएसएस से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने उदयपुर मामले में कातिलों को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे देश विरोधी ताकतें और अमन के दुश्मनों को सबक मिलेगा।
मंच ने कहा कि वह निजी लाभ के लिए दूसरों के ऊपर कीचड़ उछालने एवं राष्ट्रवादी संगठनों एवं देशभक्तों को बदनाम करने की साजिश रचने वाले व्यक्ति, समुदाय, मीडिया और पार्टी की कड़ी निंदा करता है और प्रोपेगेंडा करने वालों खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करता है। मंच आग्रह करता है कि देश की जनता ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब दे।
संगठन के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजाल, शाहिद अख्तर और बिलाल उर रहमान ने कहा कि उदयपुर के कातिलों से बीजेपी और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का संबंध जोड़ने की साजिश रची जा रही है। ऐसी ताकतों को राष्ट्रवादी ताकतें मुंहतोड़ जवाब देना अच्छी तरह जानती हैं। कांग्रेस और विपक्षी दलों की दुर्दशा दुनिया जानती है।
'इस्लाम, इंसानियत और मुसलमानों को किया बदनाम'
उन्होंने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का यह स्पष्ट मत है कि मोहम्मद रियाज और उसके साथी ने मिलकर न सिर्फ कन्हैया लाल की हत्या की बल्कि इस्लाम, इंसानियत और मुसलमानों को बदनाम और शर्मसार भी किया। उसे तत्काल प्रभाव से फांसी दी जानी चाहिए।
मंच के संयोजकों ने कहा कि जिनमें इन मुजरिमों के लिए फांसी की मांग करने का साहस नहीं है वो आरएसएस की निंदा करते हुए मुजरिमों का बचाव करने का घिनौना पाप कर रहे हैं। वो यह आरोप लगा रहे हैं कि वे विदेशी षड्यंत्रकारी हैं जो इस हत्याकांड में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से संलिप्त हैं।
मंच की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय संयोजक रेशमा हुसैन, शहनाज अफजाल और शालिनी अली ने कहा कि इस संबंध में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, राजस्थान की तरफ से निवेदन किया जा चुका है कि कन्हैया लाल का हत्यारा मोहम्मद रियाज न कभी मंच का सदस्य था, न है और न ही वो मंच के किसी कार्यक्रम में कभी सहभागी रहा है।
मंच का मिशन 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास'
उन्होंने कहा कि यह मंच राष्ट्रवादी है जो हर समय देश को जोड़ने में विश्वास रखता है। तुष्टिकरण की राजनीति से दूर मंच का मिशन 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' में है।
मंच के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शाहिद सईद का कहना है कि जहां तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, संघ या संघ से जुड़े संगठनों को बदनाम करने की बात है तो इतिहास गवाह है कि ऐसी शक्तियों ने पहले भी अनेकों बार मुंह की खाई है। एक समय मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से परेशान होकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें मौत का सौदागर बताया तो तीस्ता सीतलवाड़ और जेल में बंद आईपीएस संजीव भट्ट जैसे लोगों ने मोदी के खिलाफ नापाक इरादे रखने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी लेकिन जीत सच की होती है। जनता ने नरेंद्र मोदी को सर आंखों पर बिठाया और देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी माना की मोदी निर्दोष हैं।
'सत्ता के नशे में मगरूर थी कांग्रेस'
मीडिया प्रभारी ने कहा कि फिर एक समय वो भी था जब कांग्रेस सरकार सत्ता के नशे में इस तरह मगरूर थी। तब तत्कालीन गृहमंत्री पी चिदंबरम ने पागल शासक मोहम्मद बिन तुगलक की तरह ही काम करते हुए 'भगवा आतंकवाद' का नाम गढ़ा था। परंतु कांग्रेसी जांच एजेंसियों की साजिशें अदालत में धराशाई हो गईं। अब ये कांग्रेसी, वामपंथी व तथाकथित सेक्युलर ताकतें देशभर में अपना बोरिया-बिस्तर सिमटता देख पूरी तरह बौखला चुकी हैं।
एसके मुद्दीन, मजाहिर खान और रजा हुसैन रिजवी ने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने शुरू से ही आतंकवाद का विरोध किया है और देशभर में तिरंगा यात्राएं आयोजित कर आतंकी गतिविधियों और आतंकवादियों का पुरजोर विरोध किया है। इसलिए उदयपुर की आतंकी घटना की मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने घोर निंदा की है और कातिलों के लिए फांसी की मांग की है।
दोषियों को मिले फांसी
मंच की ओर से इस्लाम अब्बास, मोहम्मद ताहिर और इरफान अली पीरजादा ने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने ही सबसे पहले दोषियों को तत्काल फांसी दिए जाने की मांग की है जबकि तथाकथित धर्मनिरपेक्ष कहे जाने वाले संगठनों, दलों, तंजीमों और नेताओं ने अबतक खुल कर फांसी की मांग नहीं की।
मंच का कहना है कि वह देश की जनता और खासकर मुस्लिम समुदाय से अनुरोध करता है कि ऐसे झूठे और मक्कार प्रोपेगेंडा से सावधान रहें और देश विरोधी और आतंकी ताकतों के षड़यंत्र को विफल करें।