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Hyderabad: फोन टैपिंग मामले में हैदराबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तेलंगाना में दो अधिकारी गिरफ्तार

Sun, 24 Mar 2024 12:48 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

हैदराबाद पुलिस ने दावा किया कि पूछताछ के दौरान दोनों पुलिस अधिकारियों ने अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग करके निजी व्यक्तियों की निगरानी करने की साजिश में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। 
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दो पुलिस अधिकारी गिरफ्तार (प्रतिकात्मक तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार
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हैदराबाद पुलिस ने फोन टैपिंग के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार रात को दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। जिन लोगों को गिरफ्तार किया है वो अतिरिक्त डीसीपी तिरुपतन्ना और अतिरिक्त एसपी एन भुजंगा राव हैं। बताया जा रहा है कि एन भुजंगा तेलंगाना में बीआरएस सरकार के दौरान सीएम सुरक्षा प्रकोष्ठ में तैनात थे। आरोप है कि बीआरएस कार्यकाल के दौरान विपक्षी नेताओं की निगरानी के लिए उनके फोन टैप किए गए थे। 

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बता दें, तिरुपतन्ना पहले एसआईबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के तौर पर काम कर चुके हैं। वहीं भुजंगा राव इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के एडिशनल एसपी रह चुके हैं।  दोनों अधिकारियों पर उन निगरानी दलों का हिस्सा होने का आरोप लगाया गया है जो कथित तौर पर विपक्षी राजनेताओं के टेलीफोन कॉल को सुनते थे। उनपर एसआईबी के निलंबित डीएसपी डी प्रणीत राव के साथ मिलीभगत करने का आरोप है।

माना जा रहा है कि ये अधिकारी राव को रिपोर्ट करते थे। बता दें, राव को हैदराबाद पुलिस पहले ही विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से खुफिया जानकारी मिटाने के साथ-साथ पिछले बीआरएस शासन के दौरान कथित फोन टैपिंग के लिए गिरफ्तार कर चुकी है।
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देर रात तक हुई पूछताछ
दोनों अधिकारियों को बंजारा हिल्स पुलिस थाने में बुलाया गया, जहां प्रणीत से पिछले एक सप्ताह से पूछताछ की जा रही थी। पता चला है कि प्रणीत और दो अधिकारी से संयुक्त रूप से पूछताछ की गई थी। हैदराबाद पुलिस ने शनिवार देर रात एक आधिकारिक विज्ञप्ति में दावा किया कि पूछताछ के दौरान, दोनों पुलिस अधिकारियों ने अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग करके अपनी प्रोफाइल विकसित करके अवैध रूप से निजी व्यक्तियों की निगरानी करने की साजिश में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। साथ ही पकड़े गए दोनों अधिकारियों पर विशेष खुफिया ब्यूरो के पूर्व अधिकारी प्रणीत के साथ मिलीभगत से काम करने का आरोप लगा है। आरोप है कि उन्होंने अपराध में अपनी संलिप्तता को छिपाने के लिए सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करके सबूतों को गायब करने की कोशिश भी की।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि जांच जारी है।

प्रणीत राव पहले से गिरफ्तार
बता दें, 13 मार्च को अज्ञात व्यक्तियों की प्रोफाइल बनाने और कुछ कंप्यूटर सिस्टम व आधिकारिक डाटा को नष्ट करने के अलावा गुप्त, अनधिकृत और अवैध रूप से उसकी निगरानी करने के आरोपी प्रणीत राव को गिरफ्तार किया गया था। राव को हाल में तेलंगाना सरकार ने निलंबित कर दिया था। वह पिछली बीआरएस सरकार के दौरान डीएसपी थे और बाद में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के कार्यालय में कार्यरत थे। उन पर पहले विपक्षी दल के नेताओं के फोन टैप करने का आरोप लगा था।

10 मार्च को एसआईबी के एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की शिकायत के आधार पर, यहां पंजागुट्टा थाने में प्रणीत राव और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

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