सुप्रीम कोर्ट को बुधवार को दो नए जज मिल गए। विवादों के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति पर मुहर लगा दी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 26 से बढ़कर 28 हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में अधिकतम 31 जज हो सकते हैं।
पिछले हफ्ते चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने जस्टिस माहेश्वरी और जस्टिस खन्ना को सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त करने की सिफारिश की थी। जस्टिस माहेश्वरी सितंबर 2004 में राजस्थान हाईकोर्ट में जज नियुक्त हुए थे। बाद में उनका तबादला इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें मेघालय हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया और वहां के बाद कर्नाटक हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया। वहीं, जस्टिस खन्ना को जून 2005 में दिल्ली हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था।
बार काउंसिल ने किया विरोध
उधर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने जस्टिस खन्ना को सुप्रीम कोर्ट भेजे जाने का निर्णय का विरोध किया है। काउंसिल ने कहा है कि इस मामले में अन्य वरिष्ठ जजों को नजरअंदाज किया गया है। सनद रहे कि सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजय किशन कौल भी इन्हीं मामलों में वरिष्ठता को नजरअंदाज करने पर सवाल उठा चुके हैं। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज कैलाश गंभीर ने भी राष्ट्रपति को पत्र लिखकर जस्टिस माहेश्वरी और खन्ना की नियुक्ति की सिफारिश का विरोध किया था।