सरकार ने भोजपुर फर्जी एनकाउंटर में आरोपी गाजियाबाद की पूर्व सर्किल अफसर ज्योति बेलुर समेत दो महिला आईपीएस अधिकारियों की सेवा खत्म कर दी है। दोनों अधिकारी लंबे समय से अनधिकृत छुट्टी पर थीं और इनके खिलाफ जांच चल रही थी। ज्योति को फर्जी एनकाउंटर मामले में गाजियाबाद की अदालत ने समन किया है।
उत्तराखंड कैडर की 1993 बैच की अधिकारी ज्योति एस बेलुर और 1991 बैच की महाराष्ट्र कैंडर की अधिकारी मारिया लोऊ फर्नांडीस को सेवा से हटा दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय का यह फैसला कुछ ही सप्ताह पहले यूटी कैडर के 1998 बैच के अधिकारी मयंक शील चौहान और 1992 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के अधिकारी राजकुमार देवांगन को हटाने के बाद आया है।
सरकार ने उनके खराब प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें सेवा के लिए अनुपयुक्त पाया था। बेलुर 2001 से ही अनुपस्थित हैं। उन्हें 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वहां भेजा गया था। माना जा रहा है कि बेलुर अभी इंग्लैंड में रह रही हैं, जबकि फर्नांडीस ने अपने जवाब में कहा है कि वह अमेरिका में पीएचडी कर रही हैं।
गाजियाबाद में 1996 में हुए एक फर्जी एनकाउंटर में बेलुर का नाम आया है। मारे गए व्यक्ति के शरीर से बरामद एक गोली बेलुर की आधिकारिक रिवाल्वर से फायर की गई थी। उस वक्त वह गाजियाबाद के मोदी नगर में सर्किल ऑफिसर थीं। एनकाउंटर मामले अदालत के लगातार समन जारी करने के बावजूद वह सामने नहीं आईं।