हालांकि राहुल गांधी अपने दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जिसमें फेसबुक और इंस्टाग्राम शामिल हैं, पर जाकर लोगों से मुखातिब तो जरूर होते हैं लेकिन उसके बावजूद भी वह अपने ट्विटर अकाउंट की तुलना में तकरीबन डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोगों तक अपनी बात नहीं पहुंचा पाते हैं। राहुल गांधी के ट्विटर पर तकरीबन दो करोड़ फॉलोवर्स हैं। जबकि फेसबुक पर 40 लाख और इंस्टाग्राम पर 15 लाख फॉलोवर्स ही हैं। ऐसे में ट्विटर को छोड़ कर सोशल मीडिया के अन्य माध्यम से कही जाने वाली बात को राहुल गांधी अपने डेढ़ करोड़ ट्विटर फॉलोवर्स तक बात नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
बात अगर सिर्फ ट्विटर की जाए, तो कांग्रेस में राहुल गांधी के सबसे ज्यादा फॉलोवर्स तकरीबन दो करोड़ लोग उनसे जुड़े हुए हैं। राहुल गांधी की बात को अगर कांग्रेस के टॉप फाइव टि्वटर अकाउंट भी मिलकर लोगों तक पहुंचाना चाहें तो भी वह अपने नेता की बात आम जनता तक नहीं पहुंचा सकते हैं। आंकड़ों में देखें तो कांग्रेस पार्टी के तकरीबन 85 लाख फॉलोअर्स उससे जुड़े हुए हैं। प्रियंका गांधी से तकरीबन 40 लाख फॉलोवर्स जुड़े हुए हैं। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला से 17 लाख लोग जुड़े हैं। यूथ कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर 11 लाख लोग जुड़े हैं। जबकि कांग्रेस के प्रमुख नेता पी चिदंबरम से 16 लाख लोग जुड़े हुए हैं।
अगर यह सभी लोग मिलकर भी राहुल गांधी की बात को ट्विटर के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना चाहे तब भी राहुल गांधी के अपने फॉलोअर्स की संख्या तक यह बात नहीं पहुंच सकती। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है वर्चुअल दुनिया में आपकी नाराजगी किसी कंपनी का क्या नुकसान कर सकती है, इससे फर्क नहीं पड़ता है। बल्कि आपका अपना कितना नुकसान हो रहा है यह ज्यादा मायने रखता है। दिल्ली विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र के प्रोफेसर एनएन जोशी कहते हैं कि राहुल गांधी के ट्विटर पर नहीं आने का असली कारण तो नहीं जानते लेकिन उनका कहना है अगर किसी नाराजगी वजह से राहुल गांधी इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो वह अपना और अपनी पार्टी का निश्चित तौर पर नुकसान कर रहे हैं। क्योंकि वह अपनी बात एक बहुत बड़े वर्ग तक नहीं रख पा रहे हैं। यही नहीं उनसे जुड़े हुए दो करोड़ लोग भी अपने नेता से सीधे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। जोशी कहते हैं हो सकता है कि अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और उनके ट्विटर प्लेटफॉर्म पर बहुत से लोग कॉमन हों, लेकिन फिर भी दो करोड़ संख्या बहुत होती है, इसको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बीते कुछ दिनों से राहुल गांधी केरल में लगातार सक्रिय हैं। वायनाड में वह लगातार लोगों से मिल रहे हैं जिसका अपडेट और फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से कर भी रहे हैं। इसके अलावा राजीव गांधी की जयंती पर तमाम आयोजनों में भाग लेना और उन्हें श्रद्धांजलि देने जैसे कार्यक्रमों के अलावा फोटो प्रदर्शनी जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शिरकत करना भी शामिल था। लोगों से जुड़ने के लिए राहुल गांधी ने फेसबुक और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल किया। इस वक्त कांग्रेस ने ट्विटर पर हैशटैग के साथ स्टॉप सेलिंग इंडिया अभियान शुरू किया है। लेकिन राहुल गांधी की ट्विटर पर गैरमौजूदगी से इस अभियान में उनकी भागीदारी नहीं हो पा रही है।
राहुल गांधी को जब ट्विटर ने ब्लॉक किया तो उन्होंने ट्विटर को खूब खरी-खोटी भी सुनाई थी। राहुल गांधी को इस बात का पूरा अंदाजा था कि उनको ब्लॉक किए जाने से वह अपने तकरीबन दो करोड़ फॉलोवर्स से सीधे तौर पर नहीं जुड़ सकते। राहुल गांधी ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि उनके अकाउंट को ब्लॉक करना लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला है। उन्होंने कहा था कि उनके अकाउंट को ब्लॉक करने का मतलब राहुल गांधी को चुप कराना नहीं है, बल्कि उनके करोड़ों फॉलोवर्स को अपनी राय रखने के अधिकार से दूर रखना है। राहुल गांधी ने कहा ट्विटर एक निष्पक्ष प्लेटफार्म नहीं है।
इस दौरान कांग्रेस के और भी कई बड़े नेताओं को ब्लॉक कर दिया गया था, लेकिन बाद मे सब को अनब्लॉक कर दिया गया। इनमें से ज्यादातर सभी नेता वापस ट्विटर पर एक्टिव हो गए। हालांकि कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल अभी भी ट्विटर पर उसने एक्टिव नहीं हुए हैं। ट्विटर ने महासचिव केसी वेणुगोपाल को भी ब्लॉक कर दिया था।