टेलेंडर्स पॉडकास्ट पर बोलते हुए, जेम्स एंडरसन ने कहा, मैं थोड़ा चौकन्ना था क्योंकि साथी बल्लेबाज कह रहे थे कि पिच कितनी धीमी है, जब मैं बल्लेबाजी करने के लिेए मैदान पर आया तो तो जो रूट ने मुझसे कहा, बुमराह ज्यादा तेज गेंद नहीं फेंक रहे हैं, लेकिन बुमराह की अगली गेंद 90 मील प्रति घंटे की रफ्तार से आई, उन्होंने कहा मुझे अपने करियर में पहली बार ऐसा लगा कि कोई गेंदबाज मुझे आउट करने की कोशिश नहीं कर रहा है।
उस ओवर में जसप्रीत बुमराह ने चार नो बॉल फेंकी थीं। एंडरसन ने बात करते हुए आगे कहा, वह मुझे आउट करने की कोशिश नहीं कर रहा था, बुमराह ने उस ओवर में 10, 11, या 12 गेंदें फेंकी थीं। वह एक के बाद एक नो बॉल और शॉर्ट गेंदें कर रहे थे, मुझे लगता है कि उन्होंने दो गेंदें उन्होंने स्टंप पर डालीं जिनको मैंने बचा लिया और इसके बाद जो रूट वापस क्रीज पर आ गए, मेरा इरादा जो रूट को स्ट्राइक देना था।
लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान जसप्रीत बुमराह और जेम्स एंडरसन के बीच कई बार नोकझोंक हुई थी। इन दोनों खिलाड़ियों के विवाद के बाद चौथे दिन टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने एंडरसन पर पलटवार किया। इसके बाद जब टेस्ट मैच के पांचवें दिन बुमराह और शमी बल्लेबाजी कर रहे थे तो जोस बटलर ने बुमराह के साथ स्लेजिंग की। बुमराह और शमी ने इस मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 89 रनों की साझेदारी की थी। इन दोनों खिलाड़ियों द्वारा की गई यह पार्टनरशिप बाद में निर्णयायक साबित हुई। भारत ने लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को 151 रनों से हराया था।