ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी के खिलाफ दर्ज केस के मामले में यूपी पुलिस को कार्रवाई से रोकने के खिलाफ मंगलवार को कनार्टक हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। इससे पहले जस्टिस जी. नरेंद्र की पीठ ने अंतरिम आदेश जारी कर यूपी पुलिस को माहेश्वरी की गिरफ्तारी या अन्य कार्रवाई से रोक दिया था। इस आदेश को यूपी पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस से किए ये सवाल
मंगलवार को सुनवाई के दौरान कर्नाटक हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस के वकील से कहा, 'आप कंपनी की जांच कर रहे हैं। जांच करने के लिए, आपको व्यक्ति की पहचान करने की आवश्यकता है, लेकिन अगर पुलिस ऐसी कार्रवाई करने में सक्षम नहीं है तो कार्रवाई का सवाल कहां पैदा होता हैहै? यह याचिका तब तक कुछ भी नहीं है, जब तक आप यह नहीं दिखा सकते कि यह अधिकारी इसे रोक सकता था।'
हाईकोर्ट के जज ने यूपी पुलिस के वकील से पूछा- 'आरोपों की जड़ क्या है? ट्विटर पर एक छेड़छाड़ का वीडियो अपलोड किया गया। ट्विटर इंडिया इस घटना से जुड़ा नहीं है। इसके खिलाफ क्या आरोप है? यह कहने में कोई दम नहीं कि ट्विटर इंडिया इसे हटाने में सक्षम है।
अग्रिम जमानत अर्जी दायर की
बता दें, यूपी के बुलंदशहर निवासी बुजुर्ग की लोनी में दाढ़ी काटने के मामले में वायरल वीडियो को लेकर ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी को पूछताछ के लिए गत गुरुवार को लोनी थाने पहुंचना था। लेकिन वह थाने नहीं पहुंच सके, क्योंकि उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी थी।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने दी थी अंतरिम राहत
कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए गाजियाबाद पुलिस को कहा था कि आप इस तरह सख्ती नहीं बरत सकते। आप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ कीजिए। मनीष माहेश्वरी ने अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट में कहा कि वह कंपनी के निदेशकों में शामिल नहीं हैं। कंपनी के निदेशक विदेश में बैठे हैं। वह यहां सेल्स एंड मार्केटिंग का काम देखते हैं ऐसे में उनकी जिम्मेदारी इसकी नहीं है कि ट्विटर पर कैसा कंटेंट डाला जा रहा है। उनका पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस को उनसे सख्ती न बरतने के निर्देश दिए हैं साथ ही वर्चुअल माध्यम से पूछताछ के लिए कहा है।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि सोमवार तक टि्वटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी की गिरफ्तारी नहीं होगी। इस बीच पुलिस को एमडी से कोई बयान दर्ज कराना है तो वह वर्चुअल बयान दर्ज करा सकते हैं। पुलिस ने वर्चुअल बयान लेने से मना करते हुए सोमवार तक इंतजार करने की बात कही है।