दूध का जला छाछ फूंककर पीता है, हैदराबाद विश्वविद्यालय को लेकर यही स्थिति केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की भी है। मंत्रालय के कुलपति अयप्पा राव के लंबी छुट्टी से लौटने और कार्यभार संभालने के बाद वहां की हर गतिविधि पर नजर रख रहा है। विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों का एक वर्ग अयप्पा राव के वापस आने का विरोध कर रहा है।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार हम वहां के हालात को लेकर संवेदनशील हैं, लेकिन इसी के साथ शीर्ष स्तर पर उच्च स्तर की सतर्कता बरती जा रही है। गौरतलब है कि हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र रोहित वेमुला ने जनवरी में खुदकुशी कर ली थी। वेमुला की खुदकुशी के क्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन और एचआरडी मंत्रालय द्वारा दबाव बनाने का आरोप लगा था।
यह मुद्दा संसद में भी उठा था और मामले का खूब राजनीतिकरण भी हुआ। ऐसे में स्थिति की गंभीरता देखकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय लगातार विश्वविद्यालय में गतिविधि पर निगाह तो रख रहा है, लेकिन प्रकरण में पूरी सावधानी भी बरती जा रही है।
ऐसा माना जा रहा है कि हैदराबाद विश्वविद्यालय में जल्द ही राजनीतिक गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं। जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार भी वहां जाना चाह रहे हैं। अभी उन्हें विश्वविद्यालय में प्रवेश की इजाजत नहीं मिल पाई है। समझा जा रहा है कि इसे लेकर जल्द ही राजनीति नया मोड़ ले सकती है। इसलिए मंत्रालय खामोशी से हर गतिविधि पर नजर रख रहा है।