भारत सरकार, त्रिपुरा सरकार, नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) और ऑल त्रिपुरा टाइगर्स फोर्स (एटीटीएफ) ने बुधवार को एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और अन्य की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री शाह का जताया आभार
शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद मुख्यमंत्री साहा ने कहा, "मैं गृहमंत्री शाह का आभार जताना चाहता हूं, जिन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति, समृद्धि और सद्भावना का माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री शाह की सक्रिय पहल पर पिछले दस वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए कई शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। त्रिपुरा के लिए अब तक तीन समझौते किए गए हैं। यह बहुत खुशी की बात है कि एनएलएफटी और एटीटीएफ के सदस्यों ने मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री शाह के मार्गदर्शन में त्रिपुरा में सभी लोगों का भविष्य उज्जवल है।"
पीएम ने कम की पूर्वोत्तर और दिल्ली की दूरी: अमित शाह
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा, "यह हमारे लिए खुशी की बात है कि 35 वर्षों के संघर्ष के बाद आपने हथियार डाल दिए हैं और मुख्यधारा में शामिल होकर त्रिपुरा के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश की कमान संभालने के बाद से शांति और संवाद के जरिए विकसित पूर्वोत्तर का दृष्टिकोण पेश किया है। पूर्वोत्तर के लोगों और दिल्ली के बीच बहुत दूरी थी। उन्होंने इसे सड़क, रेल और हवाई संपर्क से ही नहीं, बल्कि लोगों के दिलों के बीच की दूरी को भी कम करके समाप्त किया है।"
उन्होंने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही शांति और प्रगति की दिशा में त्रिपुरा की यात्रा में आज एक नया मील का पत्थर स्थापित हो गया। शाह ने कहा कि मोदी सरकार में अपना भरोसा जताते हुए एनएलएफटी और एटीटीएफ ने 35 साल पुराने संघर्ष को समाप्त करने और मुख्यधारा में लौटने, हिंसा छोड़ने और समृद्ध एवं विकसित त्रिपुरा के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध होने पर सहमति दी है।
उन्होंने कहा, "मोदी सरकार पूर्वोत्तर के, खासकर आदिवासी समूहों की संस्कृति, भाषा और पहचान को संरक्षित रखते हुए, समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, "सरकार ने पूर्वोत्तर में हस्ताक्षरित सभी शांति समझौतों को लागू किया है।"
उन्होंने कहा कि उग्रवाद, हिंसा और संघर्ष से मुक्त विकसित पूर्वोत्तर के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को पूरा करने के लिए गृह मंत्रालय अथक प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति और समृद्धि लाने के लिए 12 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें से तीन त्रिपुरा से संबंधित हैं।
उन्होंने कहा कि इन समझौतों के कारण करीब 10,000 लोग हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। गृह मंत्री ने कहा कि 328 से अधिक उग्रवादी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होंगे और दोनों उग्रवादी समूहों के परिचालन वाले क्षेत्रों के विकास के लिए 250 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, मोदी सरकार उन क्षेत्रों को विकसित करने और हथियार उठाने के कारणों को दूर करने के लिए काम कर रही है।