हाई प्रोफाइल त्रिपुरा पश्चिम लोकसभा सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा उम्मीदवार त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा के बीच होगा, जो इंडिया गठबंधन के साझा प्रत्याशी होंगे।
त्रिपुरा के 72 साल के चुनावी इतिहास में पहली बार कांग्रेस और वाम दलों ने भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर संयुक्त रूप से संसदीय चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन बनाया है। पिछले त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और वामपंथी दोनों पार्टियों ने एकजुट होकर सत्ताधारी पार्टी का विरोध किया था।
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हाई प्रोफाइल त्रिपुरा पश्चिम लोकसभा सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा उम्मीदवार त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा के बीच होगा, जो इंडिया गठबंधन के साझा प्रत्याशी होंगे। आशीष कुमार साहा मौजूदा कांग्रेस विधायक सुदीप राय बर्मन के साथ फरवरी 2022 में भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हुए थे।
11 बार माकपा ने जीत हासिल की
त्रिपुरा की दो लोकसभा सीटों त्रिपुरा पश्चिम और त्रिपुरा पूर्व में से त्रिपुरा पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से चुनावी रस्साकशी का केंद्र बिंदु रहा है। इस सीट पर 1952 से माकपा ने 11 बार जीत हासिल की है।
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कांग्रेस ने इस सीट पर चार बार 1957, 1967, 1989 और 1991 में जीत हासिल की। उल्लेखनीय है कि 2018 में माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे की करीब 25 साल बाद हराकर भाजपा पहली बार त्रिपुरा में सत्ता में आई थी।
इस बार भौमिक की जगह देब
इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के साथ गठबंधन में 2018 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद भाजपा उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक ने 2019 में पहली बार त्रिपुरा पश्चिम लोकसभा सीट जीती। इस बार भाजपा ने भौमिक को हटाकर देब को मैदान में उतारा, जो वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं। वहीं, त्रिपुरा पूर्व से भाजपा ने महारानी कीर्ति सिंह देबबर्मन को अपना प्रत्याशी बनाया है।