टिपरा मोथा के अध्यक्ष बिजॉय कुमार ह्रांगखावल ने कहा कि त्रिपुरा विधानसभा के आगामी त्रिकोणीय चुनावों में बिना किसी गठबंधन या पार्टी के बहुमत हासिल करने में गतिरोध की स्थिति में किंगमेकर की भूमिका में आने के लिए तैयार है। टिपरा मोथा के मुताबिक किसी भी पार्टी या गठबंधन (या तो भाजपा या कांग्रेस-वाम गठबंधन) को बाहर से समर्थन देने को तैयार है लेकिन इसके लिए एक शर्त माननी होगी। वह यह कि सरकार बनाने वाली पार्टी कागज पर सहमत हो कि वह एक अलग आदिवासी राज्य के निर्माण की हमारी मांग को मान लेगी। टिपरा मोथा राज्य की क्षेत्रीय पार्टी है जो राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में वोटरों को आकर्षित कर रही है।
भाजपा के साथ बैठक हुई लेकिन फिलहाल बात नहीं बनी: टिपरा मोथा
हरंगखाल ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने चुनाव पूर्व गठबंधन की संभावना पर गुवाहाटी में एक बैठक की, जहां उन्होंने असम के मुख्यमंत्री और दिल्ली के दो भाजपा नेताओं से मुलाकात की, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। ऐसा हो सकता है कि चुनाव के बाद के परिदृश्य में हम राज्य में सबसे बड़ी पार्टी हो सकते हैं, हम बाहर से समर्थन करने के इच्छुक हैं (कोई भी पार्टी जो सरकार बनाने में सक्षम है), लेकिन आपको कागज पर सहमत होना होगा और सदन के पटल पर कि एक नया राज्य बनाया जाएगा। अगर हमारी मांग पर कोई पार्टी तैयार नहीं होती है तो हम फिर किसी को समर्थन नहीं देंगे।
त्रिपुरा में 60 विधानसभा सीटों पर 16 फरवरी को मतदान
बता दें कि त्रिपुरा में 60 विधानसभा सीटों पर 16 फरवरी को मतदान होने जा रहा है और यहां दो मार्च को नतीजे आएंगे। नामांकन की अंतिम तारीख 30 जनवरी है। उम्मीदवारों की दी गई जानकारी यानी नॉमिनेशन की जांच 31 जनवरी को होगी।