देबबर्मा ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, संगठनों को उचित माध्यम से सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखनी चाहिए। सभी समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जा सकता है।
त्रिपुरा के मुख्य विपक्षी गुट टिपरा मोथा पार्टी की छात्र शाखा टिपरा इंडिजिनस स्टूडेंट्स फेडरेशन (टीआईएसएफ) सोमवार से अनिश्चितकाल के लिए धरना प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। इस बीच जपा जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक परिमल देबबर्मा ने रविवार को छात्र संगठन से सरकार के साथ बातचीत के लिए बैठने का आग्रह किया।
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मीडियाकर्मियों से बात करते हुए रविवार को देबबर्मा ने कहा कि धरना किसी भी आंदोलन में अंतिम उपाय होना चाहिए। उन्होंने टीआईएसएफ से सोमवार को अपना निर्धारित विरोध वापस लेने का आग्रह किया।
देबबर्मा ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, संगठनों को उचित माध्यम से सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखनी चाहिए। सभी समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जा सकता है। हम प्रदर्शनकारी छात्र संगठन के सदस्यों से इस विरोध प्रदर्शन को खत्म करने और वार्ता के लिए मिलने का आग्रह करते हैं।
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जल्द ही समाधान की उम्मीद
भाजपा के जनजाति मोर्चा और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के नेताओं ने पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के साथ कई बैठकें कीं। भाजपा नेता ने बताया, 'हमने विरोध के संबंध में घटनाक्रम से अवगत कराने के लिए कल और आज भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। डॉ. साहा ने हमें सूचित किया कि उन्होंने स्क्रिप्ट पर इस विवाद को सुलझाने और हस्तक्षेप करने के लिए सीबीएसई को लिखा है और 'हमें जल्द ही समाधान की उम्मीद है।'
बता दें कि त्रिपुरा के मुख्य विपक्षी गुट, टीआईपीआरए मोथा ने शुक्रवार को कहा कि वे छात्रों को रोमन लिपि में कोकबोरोक पेपर लिखने की अनुमति देने की मांग को पूरा करने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बढ़ाएंगे। इसके लिए 12 फरवरी से अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन करेंगे, सड़क जाम करेंगे और राज्यभर में रेलवे सेवाओं को बाधित करेंगे।
आश्वासन नहीं तो जारी रहेगी प्रदर्शन
देबबर्मा ने बताया कि जब तक उन्हें समाधान का आश्वासन नहीं दिया जाता तब तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षार्थियों को कोकबोरोक पेपर रोमन लिपि में लिखने की अनुमति देने का आश्वासन लिखित में मांगा गया है।