आयुष्मान योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत महत्त्वाकांक्षी योजना रही है। उन्होंने खुद इसका जबरदस्त प्रचार किया और कहा कि अब देश के किसी भी गरीब को इलाज के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। आयुष्मान योजना के लांच होने के सौ दिन पूरे होने के बाद केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री अरुण जेटली सामने आए और उन्होंने इस योजना को बेहद सफल बताया।
आंकड़ों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना को लांच होने के सौ दिन के अंदर 6.85 लाख लोगों का मुफ्त इलाज हुआ है और इन परिवारों को एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ा है। आयुष्मान योजना से अब तक 10.74 करोड़ परिवार यानी लगभग 50 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं जो देश की आबादी का लगभग चालीस फीसदी है। उम्मीद है कि इस योजना से शीघ्र ही एक करोड़ परिवार जुड़ जाएंगे।
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को एक ब्लॉग लिखते हुए कहा कि देश का बहुत कम हिस्सा है जिसे ईएसआई या अपने विभाग के द्वारा इलाज की सुविधा मिलती है। देश की लगभग 63 फीसदी आबादी अपने खर्च पर इलाज करवाती है और अनेक परिवार ऐसे हैं जो खर्च के डर से इलाज के नाम से ही डरते हैं। लेकिन सरकार की आयुष्मान योजना के कारण इन परिवारों को अब इलाज के नाम से डर नहीं लग रहा है। अरुण जेटली ने कहा कि इलाज के बाद 5.1 लाख दावे किये गए हैं जिनका कि भुगतान भी किया गया। इससे साबित होता है कि इस योजना से जनता को किस तरह से लाभ मिल रहा है।
जेटली ने कहा कि इस समय इस योजना से सरकारी और गैरसरकारी कुल मिलाकर लगभग 16000 अस्पताल जुड़ चुके हैं। शीघ्र ही दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों में इस योजना से अन्य अस्पतालों के जुड़ने के बाद अन्य लोगों को भी इलाज मिलने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के विस्तार से देश में स्वास्थ्यकर्मियों की मांग बढ़ेगी जिससे रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।