दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ऊपर एक बार फिर मेट्रो फेज चार की राह में अड़ंगा लगाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने इस समझौते में दो नई शर्तें जोड़ने की बात कही है। पहली शर्त यह रखी गई है कि अगर मेट्रो के ऑपरेशन में किसी तरह का नुकसान होता है तो यह घाटा केंद्र और दिल्ली सरकार आधा-आधा साझा करें।
इसके अलावा दूसरी शर्त है कि अगर डीएमआरसी अपने कर्ज को चुकाने में असफल रहती है तो दिल्ली सरकार इस घाटे को नहीं भरेगी, बल्कि केंद्र सरकार इसका वहन करे। मनोज तिवारी ने कहा कि यह अरविंद केजरीवाल की फेज चार के विस्तार को रोकने की साजिश है। अगर अभी तक इस तरह की कोई शर्त नहीं थी तो इसे इस अवसर पर क्यों जोड़ा जा रहा है।
मनोज तिवारी ने मंगलवार को एक प्रेस वक्तव्य के जरिये कहा कि केजरीवाल यह सब महज मीडिया में सुर्खियां पाने के लिए करते हैं। उन्हें समझ आना चाहिये कि इस योजना के पूरा होने से मेट्रो चलती जिसका फायदा किसी गैर को नहीं, बल्कि दिल्ली के लोगों को होती। इसलिए मेट्रो के विस्तार को रोकने से इसका नुकसान केवल दिल्ली के लोगों को होगा जिसका हित करना उनका पहला दायित्व होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल अपनी सबसे ज्यादा ऊर्जा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपशब्द बोलने के लिए लगाते हैं। अगर वे यह ऊर्जा दिल्ली के लोगों के हित के लिए लगाते तो इससे राजधानी वालों को ज्यादा लाभ होता।