फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दवाई या वैक्सीन नहीं, कोरोना का इस तरीके से भी हो सकता है इलाज! एम्स ने शुरू की रिसर्च

Thu, 18 Jun 2020 03:38 AM IST
श्रीधर मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : PTI
विज्ञापन

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने रेडिएशन थेरेपी के जरिये कोरोना मरीज में न्यूमोनिया के प्रभाव को कम करने के लिए एक शोध शुरू किया है। इससे कोरोना मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी।

विज्ञापन


एम्स के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड और इस रिसर्च प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉक्टर डीएन शर्मा ने बताया कि शनिवार को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखे गए दो कोरोना मरीजों को रेडिएशन थेरेपी दी गई थी। डॉक्टर शर्मा ने बताया कि इन दोनों कोरोना मरीजों की उम्र 50 वर्ष से अधिक है। इन कोरोना मरीजों को पहले ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा था, लेकिन अब ऑक्सीजन सपोर्ट हटा लिया गया है।

उन्होंने बताया कि आमतौर पर कैंसर के इलाज के लिए रेडिएशन थेरेपी की हाई डोज दी जाती है, लेकिन इन कोरोना मरीजों को लो डोज रेडिएशन थेरेपी दी गई। डॉक्टर शर्मा ने बताया कि इन कोरोना मरीजों पर रेडिएशन थेरेपी का कोई नकारात्मक प्रभाव भी नहीं हुआ। डॉक्टर शर्मा के मुताबिक, जब एंटीबायोटिक नहीं उपलब्ध थी, तब 1940 के दशक तक न्यूमोनिया के इलाज में रेडिएशन थेरेपी का ही इस्तेमाल किया जाता था। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत और 8 कोरोना मरीजों का रेडिएशन थेरेपी से इलाज किया जाएगा। इसके बाद जो नतीजे आएंगे, उसका विश्लेषण किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें