सरकार ने गंगा, यमुना, महानदी, गोमती, ब्रह्मपुत्र, नर्मदा आदि आस्था से जुड़ी नदियों के जरिये पर्यटन को रफ्तार देने की योजना बनाई है। इसको लेकर राज्यों के साथ बैठकें की जा रही है। नदियों के किनारे छोटे छोटे गांवों को पर्यटन स्थलों के तौर पर चिह्नित कर विकसित किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों के व्यवसाय को भी पहचान मिलेगी।
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत यह योजना तैयार की है, जहां आम लोग इन नदियों में आस्था की डुबकी लगाएंगे तो युवा राफ्टिंग, ट्रैकिंग के जरिए इस अभियान से जुड़ेंगे। फिलहाल गंगा के किनारे पर्यटन स्थल तो हैं, लेकिन ये सभी आस्था का केंद्र हैं।
इन्हीं स्थलों को अब युवाओं से जोड़ा जाएगा। बनारस, इलाहाबाद, उज्जैन भी नदियों के कारण विश्व पर्यटन स्थल हैं। अब इनमें ज्यादा सुधार के साथ इसके आसपास के छोटे-छोटे इलाकों को भी जोड़ा जाएगा।
विदेश की तर्ज पर तीन दिन व चार रात वाले पैकेज
विदेश की तर्ज पर इन बड़ी और छोटी नदियों के आसपास ऐसे पर्यटक स्थल बनाए जाएंगे, जहां तीन दिन व चार रात वाले पैकेज चल सकें। इसमें स्थानीय खाना, संस्कृति, रिवाज आदि को शामिल किया जाएगा। फिलहाल अभी वाराणसी से ढाका और कोलकाता से बक्सर तक रिवर क्रूज चलता है। इसी तर्ज पर महानदी, ब्रह्मपुत्र, गंगा, नर्मदा आदि को भी जोड़े जाना है।