कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस साल 3 नवंबर 2024 को भाई दूज का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन को भाई-बहन के स्नेह और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सभी बहनें भाई को रोली और अक्षत का टीका करते हुए, उसकी लंबी उम्र और तरक्की की कामना करती हैं। उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज झारखंड विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी का घोषणा पत्र जारी करेंगे। इसके अलावा वह चुनावी राज्य में तीन रैलियों को संबोधित करेंगे। शाह शनिवार रात ही झारखंड की राजधानी रांची पहुंच चुके हैं। इसके अलावा, पंच केदार में प्रमुख भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह 8.30 बजे विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। साथ ही बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली धाम से अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी। बाबा केदार की डोली छह माह की शीतकालीन पूजा के लिए 5 नवंबर को ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होगी। आज दिन में 12 बजे के आसपास यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद हो जाएंगे। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर...
झारखंड चुनाव के लिए आज भाजपा का घोषणा पत्र जारी करेंगे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज झारखंड विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी का घोषणा पत्र जारी करेंगे। इसके अलावा वह चुनावी राज्य में तीन रैलियों को संबोधित करेंगे। शाह शनिवार रात ही झारखंड की राजधानी रांची पहुंच चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर...
आज शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट
पंच केदार में प्रमुख भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह 8.30 बजे विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। साथ ही बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली धाम से अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी। बाबा केदार की डोली छह माह की शीतकालीन पूजा के लिए 5 नवंबर को ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होगी। आज दिन में 12 बजे के आसपास यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद हो जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर...
25 नवंबर से शुरू होगा संसद का शीतकालीन सत्र
18वीं लोकसभा का पहला शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होने वाला है जो कि 20 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान सरकार की योजना संविधान दिवस पर पुराने संसद भवन जिसे संविधान सदन का नाम दिया गया है। सत्र के दौरान महत्वपूर्ण वक्फ विधेयक और एक देश-एक चुनाव विधेयक पेश किया जाएगा। दोनों विधेयकों पर विपक्ष के तीखे रुख के कारण सत्र में हंगामे की स्थिति पैदा होने के अनुमान हैं। पढ़ें पूरी खबर...
हिजबुल्ला का एक और शीर्ष कमांडर ढेर, IDF ने किया फाउर को मारने का दावा
इस्राइली सेना ने शनिवार को हिजबुल्ला के एक शीर्ष कमांडर जाफर खादर फाउर की मौत का दावा किया। सेना ने कहा कि उसने हिजबुल्ला की नासिर ब्रिगेड रॉकेट इकाई के शीर्ष कमांडर फाउर को दक्षिणी लेबनान में मार डाला है। सेना के मुताबिक, फाउर अक्तूबर 2023 से इस्राइल पर कई हमलों के लिए जिम्मेदार था। हालांकि, हिजबुल्ला ने फाउर की मौत पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की है। पढ़ें पूरी खबर...
बैसाखी से पहले बंद होगा पाकिस्तान जाने वाला रावी नदी का पानी
वर्ष 2025 की बैसाखी तक पाकिस्तान को व्यर्थ बहने वाला रावी दरिया का पानी पूरी तरह से नियंत्रित हो जाएगा। इसके साथ ही देश की महत्वकांक्षीय परियोजनाओं में एक शाहपुर कंडी बांध परियोजना से अगले खरीफ सीजन में जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिले के खेतों को सिंचाई के लिए पानी मिलना शुरू हो जाएगा। पढ़ें पूरी खबर...
पूर्वी लद्दाख में देश का सबसे ऊंचा हवाईअड्डा तैयार
पूर्वी लद्दाख के न्योमा स्थित मुड में देश के सबसे ऊंचे हवाईअड्डे का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया है। समुद्र तल से 13,700 फीट की ऊंचाई पर बना यह हवाईअड्डा चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से केवल 35 किलोमीटर दूर स्थित है। इसे क्षेत्र में भारत की सैन्य रसद और संचालन क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पढ़ें पूरी खबर...
बांग्लादेश में अब भी भय का माहौल, हसीना सरकार के तख्तापलट से व्यापार में बड़ा नुकसान
पड़ोसी देश बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के करीब दो महीने बीत गए हैं, लेकिन बांग्लादेश में आज भी भय का माहौल है। सबसे ज्यादा असर व्यापार पर पड़ रहा है। भारत के साथ व्यापार में बड़ी कमी आई है। चेंगड़ाबांधा सीमा चौकी से पहले हर दिन करीब छह से सात सौ ट्रक बांग्लादेश जाते थे लेकिन अब यह संख्या घट कर दो सौ के करीब रह गई है। भारत के ही नहीं बल्कि बांग्लादेश के नागरिक भी स्वीकारते हैं कि शेख हसीना की सरकार बेहतर थी। बांग्लादेश लगातार विकास की ओर अग्रसर हो रहा था। सभी समुदाय के लोग मिलजुल कर रह रहे थे। पढ़ें पूरी खबर...