कैलास कोच ने कहा कि मैं और मेरी पत्नी समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं। इसीलिए हमने आत्मसमर्पण कर दिया। मैंने 16 साल तक सशस्त्र आंदोलन किया। मैंने आंदोलन के माध्यम से महसूस किया कि हिंसा के रास्ते से कोई विकास संभव नहीं है।
उत्तर बंगाल के उग्रवादी संगठन कामतापुर लिबरेशन आर्गनाइजेशन (केएलओ) के शीर्ष नेता कैलास कोच उर्फ केशव राय ने पत्नी के साथ गुरुवार को राज्य पुलिस मुख्यालय भवानीभवन में आत्मसमर्पण कर दिया। राज्य सरकार पहले ही केएलओ आंदोलन से जुड़े लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए पैकेज की घोषणा कर चुकी है।
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केएलओ प्रमुख जीवन सिंह के बाद संगठन में कैलास कोच को सेकेंड-इन-कमान माना जाता था। लंबे समय से यह उग्रवादी गतिविधियों से जुड़ा था। इसके खिलाफ राज्य में कई उग्रवादी घटनाओं का अंजाम देने का भी आरोप है।
पुलिस ने उसके मिलने पर इनाम की भी घोषणा कर रखी थी, फिर भी पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाई थी। अब उसने केशव ने खुद ही राज्य के डीजीपी मनोज मालवीय को हथियार सौंपकर सरेंडर कर दिया।
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गुरुवार को भवानी भवन में राज्य पुलिस अधिकारियों के बगल में बैठे कैलाश ने कहा कि मैं और मेरी पत्नी समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं। इसीलिए हमने आत्मसमर्पण कर दिया। मैंने 16 साल तक सशस्त्र आंदोलन किया। मैंने आंदोलन के माध्यम से महसूस किया कि हिंसा के रास्ते से कोई विकास संभव नहीं है। मैं अपने उन मित्रों और भाइयों से भी आह्वान करता हूं, जो अभी भी जंगल में हथियार लिए हुए हैं, वे हथियार डाल कर वापस मुख्यधारा में लौट आएं। कुछ महीने पहले राज्य सरकार ने केएलओ उग्रवादियों को माओवादियों की तरह मुख्यधारा में वापस लाने के लिए एक पैकेज की घोषणा की थी।