पिछले साल हुई कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान सीडीएस जनरल बिपिन रावत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे। (बाएं से दाएं)
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भारत की सीमा पर पाकिस्तान और चीन की तरफ से गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं। इसे लेकर अब सेना के टॉप अफसर बैठक करने वाले हैं। बताया गया है कि सोमवार से शुरू होने वाली इस उच्चस्तरीय कमांडर कॉन्फ्रेंस में सुरक्षा परिस्थितियों को सुलझाने पर बातचीत होगी।
यह मीटिंग ऐसे समय पर रखी गई है जब पाकिस्तानी सेना लगातार लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलओसी) पर सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। साथ ही आतंकवादियों को कश्मीर में दाखिल कराने की कोशिश में भी जुटा है।
दूसरी तरफ चीन भी लगातार लद्दाख के पूर्वी क्षेत्र में अपनी सेना बढ़ा रहा है। 'द आर्मी कमांडर्स' कॉन्फ्रेंस में दोनों देशों की इन्हीं हरकतों पर चर्चा होगी। सरकार के सूत्रों ने बताया कि सेना के कमांडर पाकिस्तान की सेना और उसकी खुफिया एजेंसी- आईएसआई की पंजाब में बढ़ती गतिविधियों का मुद्दा भी उठा सकते हैं।
भारतीय सेना ने चीन के आक्रामक रवैये के खिलाफ भी सख्ती दिखाई है। इसके चलते भारत की तरफ से किसी भी गलत हरकत का जवाब देने के लिए एलएसी पर बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती भी हुई है। पाकिस्तान की सीमा पर सितंबर से जो गतिविधियां शुरू हुई थीं, उनका नतीजा यह रहा कि कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में अचानक बढ़ोतरी हुई है। इसके मद्देनजर सुरक्षाबलों ने कई कदम उठाए हैं और सैनिक आतंकी संगठनों के सरगनाओं को एनकाउंटर के जरिए खत्म करने में जुटे हैं।