तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के रंगापलयम और किचन्याकानपट्टी में दो अलग-अलग पटाखा फैक्टरियों में मंगलवार को आग लगने से 11 लोगों की मौत हो गई। हादसे में दो अन्य घायल भी बताए जा रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पुलिस, दमकल और बचाव सेवा कर्मियों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग बुझाने और पीड़ितों को बचाने की कोशिश की।
शिवकाशी की पटाखा फैक्टरी में अचानक धमाका
उन्होंने बताया कि शिवकाशी की पटाखा फैक्टरी में अचानक हुए धमाके के बाद घटनास्थल से सात जले हुए शव मिले हैं। उनकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है। मरने वाले लोग मजदूर हो सकते हैं। घटनास्थल से जख्मी हालत में निकाले गए तीन अन्य लोगों की भी बाद मौत हो गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस भीषण दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 तक पहुंच गई है, जिसमें 12 महिला कर्मचारी भी शामिल हैं।
दूसरी घटना किचन्याकानपट्टी गांव में हुई
पुलिस के मुताबिक, पटाखा फैक्टरी में आग लगने की दूसरी घटना किचन्याकानपट्टी गांव में हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय वेम्बु के तौर पर की गई है। दो महिला श्रमिकों को बचाया गया है और उन्हें इलाज के लिए श्रीविल्लुपुत्तुर राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सीएम ने जताया दुख, अनुग्रह राशि का एलान
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने हादसे पर दुख जताया और इस दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को ढांढस बंधाया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
अरियालूर जिले में नौ अक्तूबर को एक पटाखा इकाई में आग लग गई थी
इससे पहले अरियालूर जिले में नौ अक्तूबर को एक पटाखा इकाई में आग लग गई थी। इसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शोक व्यक्त कर पीड़ित परिवारों के लिए नकद राहत की घोषणा की थी। घटना जिले के विरागलुर गांव में एक निजी इकाई में हुई थी।
मुख्यमंत्री ने बताया था कि पांच घायल लोगों को तंजावुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। बचाव और राहत गतिविधियों में तेजी लाने के लिए अपने कैबिनेट सहयोगियों एसएस शिवशंकर और सीवी गणेशन को तैनात किया था। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को तीन-तीन लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक लाख रुपये और सामान्य रूप से घायल हुए लोगों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी।