कोरोना काल में अच्छी सेहत व तंदुरुस्ती को लेकर लोगों में जागृति आई है। इसी दौरान साइकिलिंग को भी फिटनेस का अच्छा तरीका मानकर तेजी से अपनाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने पिछले साल देश में 'इंडिया साइकिल्स4चेंज' अभियान शुरू किया था। इसके तहत अब तक 41 शहरों में अभियान तेजी से जारी है।
देश में साइकिल ट्रैक के लिए 3900 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़कों की पहचान की गई है। इन 41 शहरों में साइकिल ट्रैक का सर्वे किया जा रहा है। साइकिल चालकों से उन्हें आने वाली परेशानियां पूछी जा रही हैं। 107 शहरों में 400 किमी मुख्य और 3,500 किमी से ज्यादा अन्य सड़कों की पहचान की गई है। रैलियां, ऑनलाइन अभियान आदि चलाकर जागृति लाई जा रही है।
साइकिलिंग से होने वाले फायदों को लेकर जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक इससे हर साल अर्थव्यवस्था को 1.80 लाख करोड़ रुपए का फायदा हो सकता है। यह फायदा ईंधन की बचत व अच्छी सेहत के चलते चिकित्सा खर्च बचने के रूप में होगा।
इन 41 शहरा में जारी है पहल
दिल्ली, गुरुग्राम, हैदराबाद, तुमकुरू, नागपुर, बड़ौदा, कोच्चि, अहमदाबाद, कोहिमा, सिलवासा, इंदौर, मेंगलुरू, बंगलुरू, औरंगाबाद, दावनगेरे, देहरादून, राजकोट, काकीनाडा, सागर, कलबुर्गी, चंडीगढ़, सूरत, अमृतसर, करनाल, उदयपुर, भुवनेश्वर, अगरतला, मैसुरू, जबलपुर, वारंगल, फरीदाबाद, भोपाल, नासिक, कोलकाता, सतना, करीमनगर, पिंपरी-चिंचवड़, पणजी, हुबली, धारवाड़, रायपुर और सहारनपुर भी शामिल हैं।
चंडीगढ़ में लगे सिग्नल, औरंगाबाद ने टायरों की लेन
अभियान के तहत चंडीगढ़ में चौराहों र साइकिल सिग्नल लगाए हैं, तो महाराष्ट्र के औरंगाबाद ने पुराने टायरों का इस्तेमाल कर रास्ता अलग किया है। भुवनेश्वर, सूरत, कोच्चि ने ट्रैफिक कोन और पेंट के जरिए साइकिल लेन बनाई है। वडोदरा और गुरुग्राम में रंगीन चौराहों के जरिए साइकिल और पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित रास्ते बनाए गए हैं।
बता दें, संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासभा ने 3 जून को साइकिल दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। पहली बार विश्व साइकिल दिवस 3 जून, 2018 को मनाया गया था।