आईएमए के सचिव डॉ. आरवी अशोकन ने कहा कि डॉक्टरों के खिलाफ होने वाली हिंसा से निपटने के लिए केंद्रीय कानून बनाए जाने और उसके कार्यान्वयन की मांग को लेकर आईएमए 24 घंटे के लिए राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेगा। ओपीडी सहित सभी गैर-जरूरी सेवाएं सुबह 6 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक स्थगित रहेगी। सभी आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी।
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गिरीश त्यागी के अनुसार पश्चिम बंगाल में स्थिति अभी भी गंभीर है और हिंसा की आशंका सभी मेडिकल कालेजों और प्रमुख अस्पतालों में है। सफदरजंग अस्पताल की रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर प्रकाश ठाकुर ने बताया कि हड़ताल के दौरान ओपीडी सेवाओं के अलावा वार्ड की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और रेजिडेंट डॉक्टरों की गैर मौजूदगी में पहले से तय सर्जरी रद्द हो सकती हैं।
फोर्डा ने की अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा
फेडरशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (फोर्डा) के अध्यक्ष डॉक्टर सुमेध ने बताया कि अब तक डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिला है। इसीलिए सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया है। दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में फोर्डा के नेतृत्व में हड़ताल होगी। उधर, रविवार को इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन की ओर से भी हड़ताल की घोषणा की गई है। देश भर में आयुष डॉक्टर भी हड़ताल पर रहेंगे। डॉ. आरपी पाराशर ने बताया कि सुरक्षा के मुद्दे पर आयुष डॉक्टर भी एसोसिएशन के साथ हैं।