सुबह 8 बजे नाश्ता और रात 8 बजे रात का खाना। व्यस्त दिनचर्या वाले लोगों के लिए यह मुश्किल काम है, हृदय संबंधी बीमारियों से बचने का मंत्र है। हालिया अध्ययन का हवाला देते हुए डॉक्टरों ने जल्दी, नियमित और सही समय पर भोजन को अहमत बताया है।
फ्रांस में यूनिवर्सिटी सोरबोन पेरिस नॉर्ड में हुए अध्ययन में भोजन के समय और कार्डियोवेस्कुलर डिजीज (सीवीडी) यानी हृदय रोग के जोखिम के बीच सीधा संबंध पाया गया है। भारतीय परिप्रेक्ष्य में यह अध्ययन इस वजह से अहम हो जाता है, क्योंकि 2020 में ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज अध्ययन के मुताबिक भारत में प्रति 1 लाख जनसंख्या पर हृदय संबंधी मृत्यु दर 272 है, जो वैश्विक औसत 235 से काफी ज्यादा है। नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि दिन का पहला और आखिरी भोजन तय समय पर खाने और रात को लंबे समय तक उपवास करने से हृदय रोगों का खतरा कम हो जाता है।
2019 में ह्दय रोगों से करीब, 2 करोड़ लोगों की गई जान
सीवीडी दुनिया में लोगों की असमय मौत के सबसे बड़े कारणों में शामिल है। 2019 में हृदय रोगों की वजह से करीब 2 करोड़ लोगों की मौत हुई। अध्ययन में सामने आया कि इनमें से करीब आधे यानी 79 लाख लोगों की मौत के मूल में आहार संबंधी अनियमितताएं थीं।