तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की अपनी समकक्ष ममता बनर्जी के दावे को लेकर केंद्र की आलोचना की, जिसमें कहा गया था कि नीति आयोग की बैठक में उनके भाषण के दौरान उन्हें अनुचित तरीके से रोका गया।
स्टालिन ने एक्स पर पूछा, क्या यह सहकारी संघवाद है? क्या मुख्यमंत्री के साथ व्यवहार करने का यही तरीका है? केंद्र की भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि विपक्ष दल हमारे लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। सहकारी संघवाद के लिए संवाद और सभी आवाजों के सम्मान की जरूरत है।
दिल्ली में बनर्जी ने कहा कि (नीति आयोग की बैठक में) पांच मिनट के बाद ही उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया, जबकि अन्य मुख्यमंत्रियों को लंबे समय तक बोलने की इजाजत दी। हालांकि, सरकार ने उनके दावे को खारिज किया और कहा कि उनके बोलने का समय खत्म हो गया था।
राजनीतिक लाभ के लिए किया गया नाटक: भट्टाचार्य
पश्चिम बंगाल में विपक्षी दल भाजपा ने नीति आयोग की बैठक से ममता बनर्जी के उठकर चले जाने की आलोचना करते हुए दावा किया कि यह राजनीतिक फायदा हासिल करने के लिए किया गया 'नाटक' है। भाजपा के राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह बनर्जी द्वारा तैयार की गई एक कमजोर पटकथा है। उन्हें नीति आयोग की बैठक में उचित समय दिया गया था। वह पश्चिम बंगाल के लोगों के आर्थिक लाभ के लिए बैठक में नहीं गई थीं, बल्कि राजनीतिक लाभ लेने और बहिर्गमन करके नाटक करने गई थीं। भट्टाचार्य ने कहा, 'ममता बनर्जी ने खुद को एक विपक्षी नेता के रूप में पेश किया, न कि एक प्रशासक के रूप में।'
पीएम के साथ समझ बनाने गई थीं बनर्जी: भट्टाचार्य
माकपा के राज्यसभा सदस्य विकास रंजन भट्टाचार्य ने सवाल किया कि बनर्जी बैठक में क्यों शामिल हुईं जबकि अन्य विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि वह परिणामों से अवगत थी। उनकी कार्रवाई फिर से इस संदेह को जन्म देती है कि वह नरेंद्र मोदी के साथ कुछ समझ बनाने के लिए दिल्ली गई थीं। लोगों को पूरे मामले का दिखावा समझ में आ जाएगा।
हमें कुछ नहीं कहना: सौम्या आइच
प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि बनर्जी अन्य विपक्षी दलों से सलाह किए बिना बैठक में गईं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आइच ने कहा, 'हमें इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहना है। हमने बैठक का बहिष्कार किया था और उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने हमसे सलाह नहीं ली और खुद चली गई।'
विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा: टीएमसी
टीएमसी प्रवक्ता शांतनु सेन ने कहा, 'जब देश की इकलौती महिला सीएम ने बंगाल को उसका हक नहीं मिलने की बात शुरू की तो उनका माइक बंद कर दिया गया। इससे पता चलता है कि विपक्ष की आवाज को किस तरह दबाया जा रहा है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।'