रेलवे स्टेशन पर मांस को लेकर मचे बवाल के बाद अब प्रशासन ने इसके नमूनों की जांच की जानी है। जांच के आधार पर ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मांस के नमूनों को एकत्र कर प्रयोगशाला भेज दिया गया है। एक ओर जहां आरोप लगाया गया है कि मांस कुत्ते का है, वहीं ऑर्डर देने वालों का कहना है कि यह मांस भेड का है।
बंगलूरू रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को कथित मांस की बड़ी खेप मिलने से बवाल मच गया। एक ओर स्वयंभू गौरक्षकों ने दावा किया है, यह कुत्ते का मांस है। दरअसल शुक्रवार रात को जयपुर से ट्रेन में डिब्बों लगभग तीन टन वजन वाली मांस की खेप मिली। जिसके बाद स्टेशन पर सनसनी मच गई। कर्नाटक खाद्य सुरक्षा एवं मानक विभाग इस मामले पर गंभीरता से काम करना शुरू कर चुका है। मांस व्यापारी अब्दुल रज्जाक, जिसने खेप का ऑर्डर दिया था उनका कहना है कि स्वयंभू गौरक्षकों के लगाए आरोप गलत है। उन्होंने कहा कि यह भेड़ का मांस था।
वहीं खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण आयुक्त कार्यालय से भी जानकारी दी कि पुलिस विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं मानक विभाग के अधिकारियों ने 26 जुलाई को रेलवे स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान निरीक्षण में राजस्थान से ट्रेन आए पार्सल को स्टेशन के बाहरी परिसर में एक परिवहन वाहन में लोड किया जा रहा था।" उन्होंने बताया कि कुल 90 पार्सल थे। जब उन्होंने पूछताछ कि पार्सल में क्या है तो पता चला कि उसमें जानवरों का मांस है। विभागीय टीम ने मांस के नमूने एकत्र किए गए। नमूनों को जानवरों की प्रजातियों के संबंध में विश्लेषण के लिए खाद्य प्रयोगशाला में भेजा गया।
बता दें कि विश्लेषण रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पार्सल भेजने वालों और प्राप्तकर्ताओं के भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण लाइसेंस के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई विसंगतियां होती हैं, तो नियमों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।