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WB: चुनाव आयोग ने अभिजीत गंगोपाध्याय के खिलाफ जारी किया कारण बताओ नोटिस, ममता पर आपत्तिजनक बयान देने का आरोप

Fri, 17 May 2024 04:28 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

गुरुवार को जारी एक वीडियो में जस्टिस गंगोपाध्याय को यह कहते हुए सुना गया कि ममता बनर्जी को कितनी कीमत पर बेचा जा रहा है। इस वीडियो के जारी होने के बाद ही टीएमसी लगातार भाजपा पर निशाना साध रही है।
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अभिजीत गंगोपाध्याय, ममता बनर्जी - फोटो : ANI
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विस्तार
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चुनाव आयोग ने बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ "अनुचित, अविवेकपूर्ण, अशोभनीय" टिप्पणी के लिए भाजपा के अभिजीत गंगोपाध्याय के खिलाफ एक्शन लिया है। आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग में तामलुक लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार अभिजीत गंगोपाध्याय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। 
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पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टीएमसी कानूनी कार्रवाई का भी सहारा लेगी। टीएमसी नेता और पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करके शिष्टाचार की सारी सीमाएं पार कर दी।"

गुरुवार को जारी एक वीडियो में जस्टिस गंगोपाध्याय को यह कहते हुए सुना गया कि ममता बनर्जी को कितनी कीमत पर बेचा जा रहा है। इस वीडियो के जारी होने के बाद ही टीएमसी लगातार भाजपा पर निशाना साध रही है। टीएमसी ने इसे महिलाओं का अपमान करने की भाजपा की गारंटी करार दिया। वहीं, भाजपा ने इस वीडियो क्लिप की प्रमाणिकता पर संदेह जताया है। 
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जस्टिस गंगोपाध्याय के बयान पर टीएमसी नेता ने दी प्रतिक्रिया
टीएमसी नेता शशि पांजा ने कहा कि गंगोपाध्याय एक उम्मीदवार और पूर्व न्यायाधीश हैं। उन्होंने आगे कहा, "वह बंगाल की संतान हैं उनकी ऐसी भाषा को लेकर हम बंगाल के लोग ही अपमानित हैं। भाजपा नेतृत्व को लगता है कि जो व्यक्ति जितना गंदा बयान देता है, जितना किसी को अपमानित करता है वह उतना ही ऊपर जाता है, भाजपा का प्रमोशन इसी पर निर्भर करता है? भाजपा को इसपर जवाब देना होगा। उन्होंने कल जो टिप्पणी की उसे बंगाल की जनता ने देखा है और हमने चुनाव आयोग में यह शिकायत भी की है। यह 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट है या मोदी कोड ऑफ कंडक्ट'? एमसीसी में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के मुताबिक ऐसे बयान नहीं दिए जा सकते हैं, ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।" शशि पांजा ने बताया कि इस मामले में कानूनी सहारा भी लिया जाएगा। 
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