शीतकालीन सत्र से पहले विपक्षी दलों की बैठक में दो फाड़ नजर आई। कांग्रेस की अगुआई में बुलाई गई बैठक में विपक्षी दलों के नेता तो शामिल हुए, लेकिन टीएमसी और आप ने इस बैठक से दूरी बनाई रखी। ऐसे में सरकार को घेरने की जो कांग्रेस रणनीति बना रही है वह कमजोर ना पड़ जाए।
संसद के शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले आज कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में विपक्षी दलों की बैठक बुलाई गई। हालांकि, इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी शामिल नहीं हुई। संसद सत्र की शुरुआत से पहले और मोदी सरकार के विरुद्ध विपक्षी एकता के खिलाफ झटका है। विपक्षी लामबंद के जरिए कांग्रेस सरकार की घेराबंदी की तैयारी कर रही थी, लेकिन दो अहम दलों के अलग होने से कांग्रेस पार्टी भी सरकार पर वह तेवर नहीं दिखा पाएगी। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुआई में बुलाई गई बैठक में विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए, लेकिन टीएमसी और आप ने इस बैठक से दूरी बनाई रखी।
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हाल ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी दिल्ली दौरे पर थीं, दिल्ली में ममता बनर्जी ने कई नेताओं से मुलाकात की थी, लेकिन वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भेंट नहीं की। ऐसा माना जा रहा है कि टीएमसी कांग्रेस के मुकाबले अपने आप को ज्यादा वजनदार मान रही है। सूत्रों की मानें तो ममता बनर्जी को यह भी लगता है कि कांग्रेस 2024 में राहुल गांधी को विपक्ष का चेहरा ना पेश कर दे इसलिए वह कांग्रेस की किसी भी पहल में शामिल नहीं होना चाहती हैं।